'ख़तरे में है ब्रिटिश कार उद्योग'

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Image caption ब्रिटेन ही नहीं पूरे यूरोप में विदेशी जैसे जापान और कोरियो में निर्मित कारें छा सी गई हैं.

मशहूर कंपनी जनरल मोर्टस के एक उच्च अधिकारी ने कहा है कि अगर उद्योग देश में व्यक्तिगत स्पलाई चेन (आपूर्ति श्रंखला) की स्थापना नहीं करता है तो ब्रिटेन के कार उद्योग का भविष्य ख़तरे में पड़ जाएगा.

यूरोप में जनरल मोर्टस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी निक रेले का कहना है कि देश में मोटर पार्टस तैयार न करने की सुविधा ब्रिटिश कार उद्योग के लिए सबसे बड़ी दिक़्कत है.

निक रेले ने कहा कि निस्सान और टोयोटा जैसी कंपनियों के लिए प्रतिस्पर्धा में बने रह पाना मुश्किल हो रहा है.

इसी बीच संडे टेलीग्राफ अख़बार की एक ख़बर के मुताबिक़ कार बनाने वाली कंपनी जगुआर ब्रिटेन में इंजन तैयार करने वाला एक बड़ा प्लांट शुरू करने जा रहा है.

स्पलायर्स का अभाव

रेले ने बीबीसी से कहा कि चूंकि कार कंपनियों को कार मे लगनेवाले ज्यादातर पार्टस का आयात करना पड़ता है इसीलिए उनका प्रोडक्शन (निर्माण) का ख़र्च काफ़ी ऊपर चला जाता है.

उनका कहना था आयात करने में मुद्रा की क़ीमतों में आनेवाला बदलाव और अक्सर निश्चित अवधि से ज्यादा समय लगने का भी ख़तरा रहता है.

उन्होंने कहा कि हालांकि वर्तमान सरकार ने कार कंपनियों की इस दिक्क़त को समझा है लेकिन इस मामले में दशकों पहले जो ग़लत फैसले लिए गए थे उसकी वजह से ब्रिटेन में कार की पार्टस बनानेवाली बहुत सारी छोटी बंद हो चुकी हैं.

रेले का कहना है, "इन प्रोडक्टस का निर्माण निस्सन, टोयोटा और वौक्सहाल द्वारा किया जाना ही काफ़ी नहीं है क्योंकि हम उन लोगों के साथ मुक़ाबला नहीं कर सकते जिनके प्लांट के ईर्द-गिर्द पार्टस के सप्लार्यस मौजूद हैं."

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