भारत-पाक खोजेंगे द्विपक्षीय व्यापार के अवसर

राहुल खुल्लर और ज़फ़र महमूद इमेज कॉपीरइट BBC World Service
Image caption भारत के वाणिज्य सचिव राहुल खुल्लर और उनके पाकिस्तानी समकक्ष ज़फ़र महमूद के बीच दो दिनों की बातचीत हुई

पाकिस्तान और भारत में व्यापार से जुड़े मुद्दों को सुलझाने के लिए एक ज्वाइंट वर्किंग ग्रुप बनाने के फ़ैसला लिया गया है. ये वर्किंग ग्रुप दोनों देशों के बीच व्यापार को बढ़ावा देने के अवसर तलाशेगा.

दोनों देशों के बीच इस्लामाबाद में हुई दो दिवसीय वार्ता के बाद जारी संयुक्त घोषणा पत्र में द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाने पर सहमति जताते हुए बातचीत की प्रक्रिया को जारी रखने का निर्णय लिया गया है.

पाकिस्तान के वणिज्य सचिव ज़फ़र महमूद ने पत्रकारों को बताया कि ज्वाइंट वर्किंग ग्रुप व्यापार संबधी सभी मुद्दे का आकलन करेगा.

उन्होंने कहा कि इस वर्किंग ग्रुप की बैठक इसी वर्ष जून में होगी और इस ग्रुप की लगातार निगरानी की जाएगी जिस के लिए दोनों देशों के वणिज्य सचिव साल में दो बार मुलाक़ात करेंगे.

ज़फ़र महमूद ने कहा, “दोनों देशों ने ‘नॉन टैरिफ़ बैरिअर’ को भी हटाने का फ़ैसला लिया है लेकिन उस के लिए दोनों देशों के अर्थशास्त्री उन बैरिअर्स की निशानदेही करेंगे जिस के बाद सितंबर 2011 में होने वाली वर्किंग ग्रुप की बैठक में फ़ैसला लिया जाएगा.”

उन के अनुसार वाघा सीमा के रास्ते व्यापार को ओर बढ़ाया जाएगा और इस संबंध में कस्टम नियमों में भी नर्मी की जाएगी.

उन्होंने बताया कि मोनाबाव और खोखरापार के रास्तों को भी व्यापार के लिए खोलने पर बात होगी.

संयुक्त घोषणा पत्र में लिखा है कि व्यापार को बढ़ाने के लिए ज़रुरी है कि व्यापारियों को वीज़ा मिलने में कोई दिक़्क़ते न हों. इस मुद्दे पर दोनों देशों के गृह सचिवों ने भी बातचीत की थी.

घोषणा पत्र में दोनों देशों ने निवेश को बढ़ाने पर भी सहमति जताई और इस संबंध में उचित क़दम उठाने का संकल्प लिया गया.

इस से पहले दोनों देशों के वणिज्य सचिवों ने बातचीत को सकारात्मक क़रार दिया और कहा कि लगता बातचीत करने से व्यापारिक मुद्दे हल होंगे.

संबंधित समाचार