नोकिया के शेयरों में तेज़ गिरावट

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Image caption नोकिया की बिक्री में आईफ़ोन जैसे स्मार्टफ़ोन उत्पादों के कारण कमी आती जा रही है

मशहूर मोबाइल फ़ोन कंपनी नोकिया के शेयरों की कीमतों में लगातार दूसरे दिन तेज़ गिरावट हुई है.

मंगलवार को नोकिया के शेयरों में 17 प्रतिशत की गिरावट हुई और उसके अगले दिन यूरोपीय शेयर बाज़ार के शुरूआती कारोबार में उसके शेयर और नौ प्रतिशत नीचे गिर गए.

ये गिरावट नोकिया की ओर से मंगलवार को जारी किए गए एक बयान के बाद शुरू हुई है जिसमें कंपनी ने कहा है कि उनके उत्पादों की बिक्री कम रहने के कारण वर्ष की दूसरी तिमाही में कंपनी के लाभ में कमी होगी.

बीबीसी के तकनीकी मामलों के संवाददाता मार्क ग्रेगरी का कहना है कि नोकिया हाल के समय में अपने प्रतिद्वंद्वियों ऐपल, गूगल और ब्लैकबरी जैसी कंपनियों से पिछड़ती जा रही है.

फ़िनलैंड की कंपनी नोकिया बहुत लंबे समय तक दुनिया की सबसे बड़ी मोबाइल फ़ोन निर्माता कंपनी बनी रही थी मगर हाल ही में राजस्व के मामले में ऐपल नोकिया से आगे निकल गया.

पश्चिमी यूरोप में सैम्संग ने नोकिया को पीछे छोड़ दिया है.

नाकामी

नोकिया की सबसे बड़ी नाकामी इंटरनेट से जुड़े रहनेवाले स्मार्ट फ़ोनों के क्षेत्र में रही है.

नोकिया ऐपल के आईफ़ोन और ऐन्ड्रॉयड सॉफ़्टवेयर से चलनेवाले गूगल के हैंडसेटों की टक्कर का उत्पाद दे पाने में नाकाम रहा है.

नोकिया ने इस साल माइक्रोसॉफ़्ट के साथ एक समझौता किया था.

आनेवाले समय में नोकिया के फ़ोन माइक्रोसॉफ़्ट के विंडोज़ सॉफ़्टवेयर के साथ आएँगे.

मगर निवेशक इससे संतुष्ट नहीं हैं और उन्हें लग रहा है कि कंपनी को अपना बाज़ार बचाते हुए भविष्य में होनेवाले बदलावों की ओर बढ़ना चाहिए जो वो नहीं कर पा रही है.

हालाँकि नोकिया एक क्षेत्र में सफलता का दावा कर रही है.

उसका कहना है कि उसने विकासशील देशों में अपनी पकड़ फिर से मज़बूत कर ली है जहाँ चीन में बननेवाले सस्ते हैंडसेटों के कारण उसके कारोबार पर प्रभाव पड़ रहा था.

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