जीवनरक्षक टीके सस्ते हुए

वैक्सीन

कई बड़ी दवा कंपनियों ने विकासशील देशों के लिए जीवनरक्षक टीकों की कीमतों में भारी कटौती की घोषणा की है.

जीएसके, मेर्क, जॉनसन एंड जॉनसन जैसी बड़ी दवा कंपनियां क़ीमतें कम करने पर सहमत हुई हैं.

इन सस्ती होने वाली जीवनरक्षक दवाओं में वो टीका भी है, जो बच्चों का डिप्थीरिया, हेपेटाइटिस बी जैसी पाँच जानलेवा बीमारियों से बचाव करता है.

महत्वपूर्ण है कि रोटावायरस की वजह से घातक दस्त यानी डायरिया की बीमारी होती है. इससे से हर साल लगभग पाँच लाख से भी ज़्यादा बच्चों की मौत हो जाती है.

जीवनरक्षक टीके

ब्रिटिश दवा निर्माता कंपनी जीएसके का कहना है कि डिप्थीरिया से बचाव के टीके के लिए विकासशील देशों के लोगों को विकसित देशों के मुक़ाबले सिर्फ़ पाँच फ़ीसदी क़ीमत ही चुकानी होगी.

जीएसके के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ऐण्ड्रू विटी ने बीबीसी को बताया कि कंपनी रोटावायरस वैक्सीन की क़ीमत ग़रीब देशों के लिए 67 फ़ीसदी घटा देगी.

उदाहरण के लिए रोटावायरस वैक्सीन की क़ीमत अमरीका में 50 डॉलर होगी लेकिन ग़रीब देशों के लिए इसकी क़ीमत सिर्फ़ ढाई डॉलर होगी.

ऐण्ड्रू विटी का कहना था कि अगर आप कीनिया, मलावी के झुग्गी-झोपड़ी वाले इलाक़े या फिर इस जैसी किसी भी जगह है, जहाँ लोगों की दवा ख़रीदने की क्षमता न हो, तो अपेक्षाकृत धनी या संपन्न देशों को आगे आकर इनकी मदद करनी ही चाहिए.

दवा कंपनियों ने जीवनरक्षक दवाओं की क़ीमतों में कटौती संयुक्त राष्ट्र बाल कोष की अपील पर की है.

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