मारुति: हड़ताल जारी, करोड़ों का नुकसान

भारत में कार बनाने वाली सबसे बड़ी कंपनी मारुति सुज़ूकी इंडिया लीमिटिड के हरियाणा स्थित मानेसर प्लांट में कर्मचारियों की हड़ताल बुधवार को पाँचवें दिन भी जारी है.

मानेसर प्लांट के कर्मचारी तीन जून से हड़ताल पर हैं और उनकी माँग है कि उनके बनाए नए यूनियन को मान्यता दी जाए.

कंपनी के गुड़ंगाँव प्लांट में पहले से मारुति कर्मचारियों की यूनियन बनी हुई है. लेकिन मानेसर में कर्मचारियों का कहना है कि गुड़गाँव प्लांट में बना यूनियन पूरी तरह प्रबंधन का हिमायती है जिसमें उनके हितों का ध्यान नहीं रखा जाता.

हड़ताल पर बैठे सोनू बताते हैं, "मानेसर प्लांट के कर्मचारियों की मांग थी कि वे अपनी अलग यूनियन बनाना चाहते हैं. लेकिन फिर कुछ लड़कों ने हमें बताया कि उनसे साइन करवाए जा रहे हैं कि वे नई यूनियन में शामिल नहीं होंगे.ये तो सरासर अन्याय है. इसीलिए हमें हड़ताल पर जाना पड़ा. गुड़गाँव प्लांट में जो यूनियन है वो मैनेजमेंट की यूनियन है. बड़ी कंपनी कभी नहीं चाहेगी कि नई यूनियन बने क्योंकि वो शोषण सहन नहीं करेगी."

1200 गाड़ियाँ बनती हैं रोज़ाना

वहीं प्रबंधन का साफ़-साफ़ कहना है कि उन्हें कभी किसी शिकायत के बारे में नहीं बताया गया. मारुति के चेयरमैन आरसी भार्गव नई यूनियन बनाने के आधार को ही सिरे से खारिज करते हैं.

आरसी भार्गव कहते हैं, "मैं तो उनकी माँग ही नहीं समझ पा रहा हूँ. अभी तक इनकी यूनियन का पंजीकरण तक नहीं हुआ है. पंजीकरण या यूनियन बनाने में कंपनी की कोई भूमिका नहीं होती. हमारा रोल तो तब आता है जब यूनियन पंजीकृत हो जाए और उसमें लोग शामिल हों. अभी तो कुछ हुआ ही नहीं है. गुड़गाँव प्लांट के यूनियन में अगर कोई शिकायत थी तो इन्होंने हमें कभी बताया ही नहीं कि हम कुछ कर सकते. ये बातचीत करने को तैयार ही नहीं है."

जब हमने मारुति चेयरमैन से पूछा कि अगर कर्मचारी हड़ताल वापस लेते हैं तो क्या बर्ख़ास्त किए गए 11 कर्मचारियों को नौकरी पर वापस लिया जाएगा तो उन्होंने कहा बातचीत हो सकती है पर वे इसका आश्वासन नहीं दे सकते.

मानेसर प्लांट से रोज़ाना 1200 गाड़ियों का निर्माण होता है. हड़ताल की वजह से मारुति को करोड़ों का नुकसान हो रहा है.

हालांकि कर्मचारियों का कहना है कि अगर उनकी माँगे मानी जाती हैं तो वे नुकसान पूरा करने को तैयार हैं. इस हड़ताल की वजह से उन ग्राहकों को लंबा इंतज़ार करना पड़ सकता है जिन्होंने अपनी गाड़ियाँ बुक करा रखी हैं.

हड़ताल के कारण मारुति के शेयर मूल्य पर भी असर पड़ा है. आशंका जताई जा रही है कि अगर हड़ताल जारी रही तो मूल्य और गिर सकता है.

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