चीन: मंहगाई तीन सालों के रिकार्ड स्तर पर

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श्रृण दर में बढ़ोतरी और बैंक से दिए जानेवाले क़र्ज़ पर लगे रोक के बावजूद चीन में मंहगाई दर पिछले तीन सालों में सबसे ऊँचे स्तर पर पहुँच गई है.

जून माह में मँहगाई दर पिछले साल की इसी अवधि के मुक़ाबले 6.4 फ़ीसद अधिक थी.

ये मई महीने की तुलना में बहुत अधिक है.

विश्लेषकों का मानना है कि अधिकारियों को चिंता है कि खाने-पीने की चीज़ों की बढ़ी क़ीमतें सामाजिक असंतोष को जन्म दे सकती है.

देश में सुअर के मांस की क़ीमतों में बहुत इज़ाफ़ा हुआ है जबकि अनाज के मुख्य क्षेत्र सैलाब का नुक़सान झेल रहे हैं.

सुअर का मांस चीनी भोजन का मुख्य अंग है.

ब्याज दर

महंगाई को रोकने के लिए ब्याज दरों को पिछले साल भर के दौरान तीन बार बढ़ाया गया है लेकिन इसका कोई ख़ास असर अबतक देखने में नहीं आया है.

कुछ अर्थशास्त्रियों को आशा है कि मुद्रा स्फीति दर साल की दूसरी छह माही में नीचे जाएगी जब विश्व बाज़ार में तेल की क़ीमतों में कमी की उम्मीद की जा रही है.

चीन के सीसीबीआईएस बैंक ने पहले कहा था कि जून में मँहगाई अपने सबसे ऊँचे 6.2 फ़ीसद के स्तर पर पहुँच जाएगी.

प्रधान मंत्री वेज जियाबाओ ने भी इसी माह के शुरू में कहा था कि आनेवाले दिनों में मुद्रा स्फीति में कमी आएगी.

शेयर बाज़ार के एक दौरे पर गए प्रधान मंत्री ने दावा किया था, "सरकार ने जो क़दम उठाए हैं उससे मंहगाई पर क़ाबू पा लिया जाएगा."

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