महंगाई बनी रहेगी : वित्त मंत्रालय

इमेज कॉपीरइट BBC World Service
Image caption वित्त मंत्रालय ने कहा कि साल के अंत तक मुद्रास्फीति बढ़ी रहेगी

भारत सरकार का कहना है कि मुद्रास्फीति जो इस समय नौ प्रतिशत से ऊपर चल रही है दिसम्बर तक ऐसी ही रहेगी. जिसका मतलब ये हुआ कि आम आदमी को बढ़ती क़ीमतों से जल्दी कोई राहत नहीं मिलने वाली.

वित्त मंत्रालय के एक बयान में कहा गया है कि मुद्रास्फीति में इस साल के अंत में जाकर कुछ कमी होने की संभावना है. थोक मूल्य सूचकांक अगस्त से दिसम्बर तक ऊंचा ही रहेगा.

जून के महीने में मुद्रास्फीति 9.44 प्रतिशत रही जो भारतीय रिज़र्व बैंक के पांच से छ प्रतिशत के अनुमानित स्तर से कहीं अधिक है.

वित मंत्रालय का कहना है कि ये मुद्रास्फीति में ये बढ़ोतरी मौसमी प्रभावों और कच्चे तेल के बढ़े हुए दामों के कारण हो रही है.

सरकार मुद्रास्फीति घटाने के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक के साथ मिलकर काम कर रही है. उसकी कोशिश है कि इसे छ से साढ़े प्रतिशत तक लाया जा सके.

भारतीय रिज़र्व बैंक मार्च 2010 से दस बार सूद की दरें बढ़ा चुका है जिससे बढ़ती क़ीमतों पर लगाम लगाई जा सके और 26 जुलाई को तिमाही मुद्रा नीति की समीक्षा में एक और वृद्धि की घोषणा होने की संभावना है.

वित्त मंत्रालय को आशा है कि मार्च 2012 तक मुद्रास्फीति छ से सात प्रतिशत तक आ जाएगी.

मंत्रालय के बयान में कहा गया है "हम राजस्व और मौद्रिक मोर्चों पर सख़्ती कर रहे हैं जिससे मांग के दबाव को घटाया जा सके. इसके अलावा आपूर्ति पर लगे नियंत्रण को कम करने से भी मुद्रास्फीति कम करने में मदद मिलेगी".

डीज़ल, मिट्टी के तेल और खाना पकाने वाली गैस के दामों में हाल में हुई वृद्धि को न्यायोचित ठहराते हुए ये कहा गया कि अगर ऐसा न किया जाता तो राजस्व घाटा और बढ़ता और इससे मुद्रास्फीति में वृद्धि होती.

संबंधित समाचार