खाद्य पदार्थों की क़ीमतों में गिरावट

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Image caption खाद्य पदार्थों की कीमत बढ़ने से आम लोगों की परेशानी भी बढ़ जाती है.

भारत में खाद्य पदार्थों की क़ीमतें तीन हफ्तों के सबसे कम स्तर 7.58 प्रतिशत पर आ गई हैं.

जुलाई नौ को खत्म हुए हफ्ते में खाद्य पदार्थों की कीमतों में कमी दालों की क़ीमतों में कमी के कारण आई हैं.

थोक मूल्य सूचकांक के ज़रिए खाद्य पदार्थों की क़ीमतों पर नज़र रखी जाती है और नौ जुलाई से पहले वाले हफ्ते में महंगाई दर 8.31 प्रतिशत थी.

पिछले वर्ष जुलाई के महीने में महंगाई दर 19.52 प्रतिशत तक पहुंच गई थी.

सरकार ने जो आकड़े जारी किए हैं उसके हिसाब से पिछले एक वर्ष में दालों की क़ीमत में 7.67 प्रतिशत की कमी हुई है.

ये आकड़े ऐसे समय में आए हैं जब सरकार ने कहा था कि मंहगाई के अगले कुछ महीनों में भी कम नहीं होने के आसार हैं क्योंकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चीज़ों की क़ीमतें कम नहीं हो रही हैं.

नौ जुलाई को खत्म हुए हफ्ते में प्याज़ की कीमतों में 19.68 परसेंट की बढ़ोतरी हुई है जबकि फलों की कीमतों में पिछले एक साल में 15.84 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है.

दूध की क़ीमतों में भी पिछले एक साल में 10.76 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है जबकि मछली और गोश्त की क़ीमतों में आठ प्रतिशत वृद्धि हुई है.

इसके अलावा सब्ज़ियों की क़ीमत भी 11.13 प्रतिशत बढ़ी हैं.

इधर गैर खाद्य पदार्थों की क़ीमतों में भी बढ़ोतरी हुई है.

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