एशियाई बाज़ार फिर दबाव में

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अमरीका और यूरोप के बाज़ारों में एक बार फिर से आई गिरावट के बाद गुरुवार सुबह एशियाई शेयर बाज़ार भी नीचे का रास्ता पकड़ रहे है.

इस बीच वित्तीय संकट के कई अन्य बड़ी अर्थव्यवस्थाओं फैलने का डर बढ़ता जा रहा है.

खुलने के थोड़ी देर बाद ही भारत में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स शुरूआती कारोबार में 32 अंकों तक लुढ़का. उधर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ़्टी भी नीचे ही चल रहा है.

लेकिन यूरोपीय बाज़ारों से मिली सकारात्मक ख़बरों के बाद सेंसेक्स और निफ़्टी दोनों में सुधार हुआ है और दोपहर को सेंसेक्स 59 अंक और निफ़्टी 17 अंक ऊपर चल रहे थे.

गुरुवार को जापान का प्रमुख शेयर सूचकांक निक्केई 1.8 प्रतिशत लुढ़का है. लेकिन दक्षिण कोरिया के कोस्पी में इससे भी अधिक गिरावट आई है. कोस्पी 3.8 प्रतिशत नीचे है.

एशियाई बाज़ारों में ताज़ा बिकवाली का दौर फ़्रांस की क्रेडिट रेटिंग गिरने की अफ़वाहों के बाद आया है. इन अफ़वाहों की वजह से बुधवार को यूरोप के बाज़ार में भी अफ़रा-तफ़री का छा गई थी.

ऐसे भी क़यास लगाए जा रहे थे कि फ़्रांस का सबसे बड़ा बैंक भी संकट के कगार पर है.

जानकारों ने चेतावनी दी है कि शेयर बाज़ारों पर आने वाले दिनों में मंदी का दौर छाया रह सकता है.

सैक्सो कैपिटल मार्केट्स के विश्लेषक एंड्रयू रॉबिनसन ने बीबीसी को बताया, "मंगलवार को अमरीका का डाउ शेयर बाज़ार 4 प्रतिशत ऊपर गया. अगर आप मुझसे तब पूछते तो मैं कहता कि सब ठीक हो गया है. लेकिन बुधवार सुबह बाज़ार लगभग उतना ही गिर गया जितना ऊपर चढ़ा था."

यूरोप को लेकर चिंताएं

यूरोप के कर्ज़े को लेकर कुछ समय से शेयर बाज़ारों में चिंता जताई जा रही हालांकि ये समस्या फ़िलहाल मुख्य तौर से ग्रीस और पुर्तगाल जैसी छोटी अर्थव्यवस्थाओं तक ही सीमित है.

जानकारों का कहना है कि यूरोप की कुछ बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के दबाव में आने की चिंताओं के वजह से बाज़ार में भय व्याप्त है.

एंड्रयू रॉबिनसन ने बीबीसी को बताया,"जैसे-जैसे अर्थव्यवस्थाएं बड़ी होती जाती हैं और उनमें वित्तीय दिक्कतें आती जाती हैं उन्हें बचाना उतना ही मुश्किल हो जाता है."

फ़्रांसीसी शेयर बाज़ार 5.5 प्रतिशत गिरकर बंद हुआ तो ब्रिटेन के फ़ुटसी शेयर बाज़ार में तीन प्रतिशत की गिरावट देखी गई. उधर अमरीका का प्रमुख डाओ जोन्स 4.6 प्रतिशत तक गिर गया.

वॉल स्ट्रीट के डाओ जोन्स में 520.29 अंकों की गिरावट हुई. इस गिरावट ने एक दिन पहले के 429.92 अंकों के उछाल के असर पर पानी फेर दिया. सोमवार को सूचकाँक में 634.76 अंकों की गिरावट देखी गई थी.

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