'वैश्विक अर्थव्यवस्था ख़तरनाक दौर में'

Image caption आईएमएफ़ में शोध विभाग के निदेशक ओलिवर ब्लैंकार्ड का कहना है कि आर्थिक बहाली की रफ़्तार कमज़ोर हुई है.

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष का कहना है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था तेज़ी से घटते विकास के एक नए ख़तरनाक दौर में प्रवेश कर गई है.

संगठन ने अपनी ताज़ा रिपोर्ट में चेतावनी दी है कि अमरीका और यूरोज़ोन में लगातार बढ़ती राजनीतिक और आर्थिक चिंताएं दोबारा आर्थिक मंदी के हालात पैदा कर सकती हैं.

आईएमएफ़ का कहना है कि दुनिया की विकसित अर्थव्यवस्थाओं में मौजूदा हालात से उबरने की जो कोशिशें की गई हैं वो कमज़ोर साबित हुई हैं.

संगठन ने पूर्वानुमान लगाया है कि वर्ष 2011 में विकसित देशों के सकल घरेलू उत्पाद की विकास दर मात्र 1.5 फ़ीसदी रहेगी.

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष का मानना है कि यूरोज़ोन अर्थव्यवस्थाओं में आए आर्थिक भूचाल की वजह से वर्ष 2012 में वैश्विक विकास दर पिछले वर्ष के पांच फ़ीसदी से घटकर चार फ़ीसदी ही रह जाएगी.

संगठन ने 17 देशों को मिलाकर बने यूरोज़ोन के विकास दर के जून महीने में किए पूर्वानुमान को दो फ़ीसदी से घटाकर 1.6 फ़ीसदी कर दिया है जबकि वर्ष 2012 के लिए किए गए अनुमान को भी 1.7 फ़ीसदी से घटाकर 1.1 फ़ीसदी कर दिया गया है.

आईएमएफ़ के मुताबिक़ विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था अमरीका में अगले कई वर्षों तक आर्थिक विकास की गति धीमी रहेगी.

ब्रिटेन की चिंता

वर्ष 2011 में ब्रिटेन के आर्थिक विकास के अनुमान को भी संशोधित कर 1.5 फ़ीसदी से 1.1 फ़ीसदी कर दिया गया है जबकि वर्ष 2012 के लिए घोषित पूर्वानुमान को 2.3 फ़ीसदी से घटाकर 1.6 फ़ीसदी कर दिया गया है.

आईएमएफ़ के मुताबिक़ विश्व की विकसित अर्थव्यवस्थाओं में केवल जर्मनी और कनाडा ही 2011 में ऐसे देश रहेंगे जिनकी विकास दर दो फ़ीसदी से ज़्यादा रहेगी.

लेकिन 2012 में जापान को छोड़कर किसी भी देश की अर्थव्यस्था में अपेक्षित तेज़ विकास नहीं होगा क्योंकि भूकंप और सुनामी की त्रासदी झेलने के बाद जापान की अर्थव्यवस्था पटरी पर लौट आई है.

साझा प्रयास

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने कहा है कि अमरीका और यूरोज़ोन को मंदी से उबारने के लिए मज़बूत नेतृत्व की सबसे अहम भूमिका होगी.

आईएमएफ़ के मुख्य अर्थशास्त्री ओलिवर ब्लैंकार्ड का कहना है कि यूरोज़ोन के देश अपने ऋण संकट की समस्या से निपटने में पिछड़ रहे हैं.

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Image caption आईएमएफ़ का कहना है कि ग्रीस को अलोकप्रिय खर्चों में कटौती और करों में बढ़ोतरी जारी रखनी चाहिए.

उन्होंने कहा, ''आम धारणा यही है कि नीतियां बनाने वाले लोग एक क़दम पीछे चल रहे हैं. यूरोपीय देशों को मिलकर कोशिश करनी होगी.''

आईएमएफ़ के ये बयान क्रेडिट रेटिंग एजेंसी स्टैंडर्ड एंड पूअर की ओर से इटली की कर्ज़ रेटिंग घटाने के बाद आए हैं.

सोमवार को आईएमएफ़ ने ग्रीस को चेतावनी दी थी कि या तो वो क़रार के मुताबिक़ सुधारों को लागू करे या फिर अक्टूबर महीने के लिए निर्धारित आठ अरब यूरो की राहत किश्त से वंचित हो जाए.

अमरीकी चिंता

आईएमएफ़ की रिपोर्ट में अमरीकी आर्थिक बहाली को लेकर भी चिंता जताई गई है.

रिपोर्ट में कहा गया है कि आने वाले समय में इसे कमज़ोर गृह ऋण बाज़ार और ख़राब होती आर्थिक सेहत की वजह से और मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है और अमरीका और यूरोज़ोन के देश एक बार फिर मंदी की चपेट में आ सकते हैं.

रिपोर्ट में सुझाव दिए गए हैं कि अमरीका को सार्वजनिक ऋण को नियंत्रण में लाने की योजना बनानी चाहिए और आर्थिक बहाली को जारी रखने वाली नीतियों को लागू करना चाहिए.

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की रिपोर्ट में अमरीका में बढ़ती बेरोज़गारी को लेकर भी चिंता जताई गई है.

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