चिंताओं के बीच दुनिया भर में गिरे बाज़ार

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Image caption दुनिया भर में सूचकांक भविष्य की स्याह भविष्यवाणियाँ सुनकर लुढ़क गए

वैश्विक अर्थव्यवस्था के भविष्य से जुड़ी स्याह भविष्यवाणियों ने दुनिया भर के शेयर बाज़ारों में उथल-पुथल मचा दी और सूचकांक लुढ़क गए.

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की प्रमुख क्रिस्टीन लगार्ड ने कहा कि दुनिया की आर्थिक स्थिति 'एक ख़तरनाक जगह' जा रही है.

इससे पहले विश्व बैंक के अध्यक्ष रॉबर्ट ज़िलिक ने कहा था कि दुनिया की अर्थव्यवस्था 'ख़तरनाक ज़ोन' में है.

इन बयानों से पहले ही अमरीका के केंद्रीय बैंक फ़ेडरल रिज़र्व ने कहा था कि अमरीकी अर्थव्यवस्था के सामने कई बड़ी चुनौतियाँ हैं.

यूरोप में ब्रिटेन का फ़ुटसी 100 सूचकांक 4.7 प्रतिशत नीचे बंद हुआ जबकि फ़्रांस का सूचकांक 5.25 प्रतिशत नीचे रहा. जर्मनी के सूचकांक में भी पाँच प्रतिशत की गिरावट देखी गई और न्यूयॉर्क का डाओ जोन्स दोपहर तक 4.3 प्रतिशत नीचे जा चुका था.

ब्रिटेन के फ़ुटसी में आई गिरावट दो मार्च 2009 के बाद एक दिन में आई सबसे बड़ी गिरावट थी.

इस बीच तेल की क़ीमतें भी इस चिंता में गिर गई हैं कि वैश्विक मंदी का असर तेल की माँग पर पड़ेगा.

बढ़ती मुश्किलें

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Image caption क्रिस्टीन लगार्ड ने विकसित देशों से जल्द से जल्द क़दम उठाने को कहा है

आईएमएफ़ प्रमुख लगार्ड ने अमरीका में आईएमएफ़ की वार्षिक बैठक के समय एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "अर्थव्यवस्था में सुधार की राह तीन साल पहले के मुक़ाबले और भी सँकरी हो गई है," जबकि विकसित देशों में मंदी आई थी.

उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय नेताओं को एकजुट होकर काम करना होगा क्योंकि समय निकल रहा है.

इससे पहले विश्व बैंक के प्रमुख ज़िलिक ने भी इस चिंता को बल दिया था कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और बुरे दौर की ओर बढ़ रही है.

उन्होंने कहा कि मंदी दोबारा तो शायद न आए मगर साथ ही उन्होंने कहा, "अर्थव्यवस्था से जुड़ी जिस तरह की बुरी ख़बरें आ रही हैं उससे इस विश्वास पर मेरा भरोसा हर दिन कम हो रहा है."

इसके अलावा अमरीका के वित्त मंत्री टिमोथी गाइथनर ने भी कहा कि यूरो मुद्रा वाले देशों का संकट और अमरीका में राजनीतिक विभाजन वैश्विक अर्थव्यवस्था को सबसे बड़ा ख़तरा हैं.

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