भारत-पाक व्यापार दोगुना करेंगे

आनंद शर्मा और मख़दूम मोहम्मद अमीन फ़हीम इमेज कॉपीरइट BBC World Service
Image caption दोनों देशों के बीच व्यापार को बढ़ाने के लिए कई उपायों पर चर्चा हुई है

भारत और पाकिस्तान के बीच अगले तीन वर्षों में आपसी व्यापार दो गुना से अधिक बढ़ाए जाने पर सहमति बनी है.

इसके अलावा दोनों देशों के बीच आपसी व्यापार बढ़ाने के लिए कई अन्य मुद्दों पर सहमति बनी है, जिसमें दक्षिण एशिया मुक्त व्यापार सहमति (साफ़्टा) के तहत बनी सहमति को दोनों देश पूरी तरह से लागू करें.

दोनों देशों के बीच व्यापारिक मुद्दों पर चर्चा करने एक बड़े पाकिस्तानी वाणिज्यिक प्रतिनिधिमंडल के साथ भारत आए पाकिस्तानी वाणिज्य मंत्री मख़दूम अमीन फ़हीम और भारतीय वाणिज्य मंत्री आनंद शर्मा के बीच हुई बैठक में ये सहमति बनी है.

पाकिस्तान के किसी वाणिज्य मंत्री की भारत यात्रा साढ़े तीन दशकों बाद हो रही है.

संयुक्त घोषणा पत्र

मंत्रियों की बैठक से पहले अप्रैल 2011 में दोनों देशों के वाणिज्य सचिवों की बैठक हुई थी.

बुधवार को हुई बैठक में उस बैठक में लिए गए निर्णयों पर संतुष्टि ज़ाहिर की गई और फ़ैसला किया गया कि नवंबर में होने वाली सचिव स्तर की बैठक में उदारीकरण की दिशा में और प्रयास किए जाएँ.

दोनों मंत्रियों और उनके प्रतिनिधिमंडलों के बीच हुई चर्चा के बाद एक संयुक्त घोषणा पत्र जारी किया गया है.

इस घोषणा पत्र में कहा गया, "दोनों पक्षों ने तय किया है कि अगले तीन वर्षों में आपसी व्यापार को 2.7 अरब डॉलर से बढ़ाकर छह अरब डॉलर तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे."

भारत और पाकिस्तान के व्यापारिक रिश्तों में दो बाधाएँ हैं.

भारत की पुरानी माँग है कि पाकिस्तान उसे 'मोस्ट फ़ेवर्ड नेशन' का दर्जा दे यानी पाकिस्तान कहे कि व्यापार के लिए भारत उसकी पहली पसंद होगा.

वहीं पाकिस्तान भारत से ये माँग करता रहा है कि वह यूरोपीय संघ की ओर से पाकिस्तान को दी गई व्यापारिक रियायतों पर आपत्ति न जताए.

यूरोपीय संघ ने पिछले साल पाकिस्तान में बाढ़ आने के कारण उसे 75 अलग-अलग वस्तुओं में छूट दी थी मगर भारत ने उसका विरोध किया था जिसके बाद यूरोपीय संघ ने वह रियायत फ़िलहाल रोक रखी है.

रॉयटर्स के मुताबिक भारत के वाणिज्य मंत्री आनंद शर्मा ने कहा है कि भारत अब इसका विरोध नहीं करेगा.

लेकिन जहां तक भारत की'मोस्ट फ़ेवर्ड नेशन' वाली मांग का प्रश्न है उस पर अब तक कोई सकारात्मक संकेत नहीं मिले हैं.

इस बैठक की शुरूआत में दोनों पक्षों ने कहा कि दोनों देशों के बीच द्वीपक्षीय रिश्ते अब वापस पटरी पर आ रहे हैं.

उल्लेखनीय है कि तीन साल पहले मुंबई में हुए चरमपंथी हमलों के बाद से पाकिस्तान से व्यापारिक रिश्तों पर काफ़ी बुरा असर पड़ा है.

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