ब्लैकबैरी: समस्याएँ बरक़रार, अमरीका भी चपेट में

 गुरुवार, 13 अक्तूबर, 2011 को 04:27 IST तक के समाचार

ब्लैकबैरी के लिए ये समस्या, बाज़ार की स्थितियों के मुताबिक बहुत बुरे समय पर आई है

पूरी दुनिया में लोकप्रिय ब्लैकबैरी मोबाइल के लाखों सेट्स में ई-मेल और एसएमएस की समस्या लगातार तीसरे दिन भी जारी है.

अब ये समस्या अमरीका और कनाडा तक फैल गई है और दुनिया के अनेक हिस्सों में ब्लैकबैरी इस्तेमाल कर रहे लोगों के मोबाइल सेट तक पहुँचने वाले ई-मेल और एसएमएस का अंबार लग गया है.

उधर ब्लैकबैरी बनाने वाली कंपनी रिसर्च इन मोशन का कहना है कि उसने समस्या का समाधान कर लिया है. इस पर गुस्सा हुए अनेक लोगों ने कंपनी की सफ़ाई को ख़ारिज किया था.

कंपनी ने कहा था कि उसकी सर्विसिज़ में कोई समस्या नहीं है लेकिन यूरोप में पहुँचने वाले ई-मेल और एसएमएस का बैकलॉग बढ़ गया है.

"यूरोप, मध्य पूर्व, अफ़्रीका, भारत, ब्राज़ील, चिली और आर्जेंटीना में मेसेज और ब्राउसिंग में देरी आरआईएम के मूलभूत ढांचे में एक स्विच के काम न करने की वजह से हुई है. यदि ऐसा होता है तो बैक-अप स्विच काम करना चाहिए लेकिन टेस्ट कंडीशन के उलट ऐसा नहीं हुआ"

रिसर्च इन मोशन का बयान

बुधवार को ब्लैकबैरी इस्तेमाल करने वाले अनेक लोगों ने सर्विस में मुश्किलों के बारे में शिकायत की थी और कई लोगों ने ट्विटर पर भी इस बारे में संदेश पोस्ट किए थे.

इससे पहले दो दिन तक यूरोप, मध्य पूर्व और अफ़्रीका के अनेक हिस्सों से ब्लैकबैरी सिर्विस न मिलने की ख़बरें आ रही थीं.

रिसर्च इन मोशन के उपाध्यक्ष डेविड याच ने कनाडा में ऑट्वा में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "ये बॉकलॉग (यानी पुराने ईमेल-एसएमएस इकट्ठे होने) की समस्या है. पिछले कुछ समय से ये बढ़ता गया है और हमारे अन्य सिस्टम भी इससे प्रभावित हुए हैं."

कंपनी ने अपने बयान में कहा - "यूरोप, मध्य पूर्व, अफ़्रीका, भारत, ब्राज़ील, चिली और आर्जेंटीना में मेसेज और ब्राउसिंग में देरी आरआईएम के मूलभूत ढांचे में एक स्विच के काम न करने की वजह से हुई है. यदि ऐसा होता है तो बैक-अप स्विच काम करना चाहिए लेकिन टेस्ट कंडीशन के विपरीत ऐसा नहीं हुआ."

इस समय में ऐसा होना कंपनी के लिए काफ़ी दुर्भाग्यपूर्ण साबित हो सकता है क्योंकि ब्लैकबैरी का धीरे-धीरे बाज़ार में हिस्सा घट रहा है और ये विशेष तौर पर एप्पल के आईफ़ोन के कारण हो रहा है.

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