यूरोज़ोन संकट के बीच जी-20 बैठक

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Image caption वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी जी20 बैठक में भारतीय जमाकर्तोओं के बैंक खातों से संबन्धित जानकारी स्वचालित तरीके से उपलब्ध कराने की मांग करेंगे.

यूरोपीय देशो में चल रहे ज़बरदस्त वित्तीय संकट के बीच जी-20 देशों के वित्त मंत्रियों की बैठक शुक्रवार को पेरिस में होने वाली है. इस बैठक में यूरोप को कर्ज़ संकट से उबारने के लिए उपायों पर चर्चा की जाएगी.

ग्रीस में चल रहे आर्थिक संकट के बीच डर यह भी है कि यह संकट कर्ज़ मे डूबे दूसरे यूरोपीय देशों मे ना फैले.

क्रेडिट रेटिंग कंपनी स्टैडर्ड एन्ड पूअर्स ने गुरुवार को स्पेन की क्रेडिट रेटिंग को कमज़ोर विकास के चलते एक पायदान और गिरा दिया था.

विदेशों में जमा काला धन भारत वापस लाने के लिए वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी जी-20 बैठक में भारतीय जमाकर्ताओं के बैंक खातों से संबंधित जानकारी स्वचालित तरीक़े से उपलब्ध कराने की मांग करेंगे.

प्रणब मुखर्जी वित्तीय लेनदेन पर टैक्स (टॉबिन टैक्स) लगाने की मांगो का भी विरोध कर सकते है.

अपनी दो दिवसीय बैठक (14-15 अक्तूबर) के दौरान प्रणब मुखर्जी दूसरे जी-20 देशों से काले धन पर जानकारी की बेरोकटोक आदान-प्रदान की मांग करेंगे.

जी-20 बैठक से उम्मीदें

यूरोप में चल रहे वित्तीय संकट के बीच जी-20 समूह से समाधान के लिए पूरी दुनिया का दबाव है. बैठक मे अन्य कई मुद्दों के बीच टॉबिन टैक्स जैसे मसलों पर भी चर्चा होनी है.

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष और यूरोपीय संघ की ओर से निरीक्षण के बाद संकटग्रस्त ग्रीस को आर्थिक मदद की अगली खेप नवंबर तक मिल सकती हैं.

ग्रीस ने पिछले कुछ सालों मे अपनी ज़रूरत से ज़्यादा कर्ज़ ले लिया है. साथ ही वहाँ की सरकार ने यूरो मुद्रा को अपनाने के बाद ख़र्चो में बेतहाशा वृद्धि कर दी है.

सरकारी ख़र्चो मे लगभग दोगुनी बढो़त्तरी के साथ ही कर चोरी के कारण ग्रीस की आर्थिक हालत ख़राब हुई और वैश्विक मंदी के आगे लड़खड़ा गई.

अंतरराष्ट्रीय समुदाय की ओर से ग्रीस को 110 अरब यूरो की आर्थिक मदद दी गई है, इसके अतिरिक्त ग्रीस को 109 अरब यूरो और दिए जाने हैं. अर्थशास्त्रियों का मानना हैं कि ये आर्थिक पैकेज भी ग्रीस को आर्थिक संकट मे उबारने के लिए कम पड़ सकता है.

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