ग्रीस का आर्थिक सहायता पैकेज रुका

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Image caption पापैंद्रो जनमत संग्रह को ज़रूरी मान रहे हैं

यूरोपीय नेताओं का कहना है कि जब तक ग्रीस में यूरोज़ोन के आर्थिक पैकेज पर जनमत संग्रह नहीं हो जाता, तब तक उसे आठ अरब यूरो का कर्ज़ नहीं दिया जाएगा.

फ़्रांस के राष्ट्रपति निकोला सार्कोज़ी ने कहा है कि यह जनमत संग्रह चार या पाँच दिसंबर को हो सकता है.

जर्मनी की चाँसलर एंगेला मर्केल के अनुसार जनमत संग्रह इस बात पर कराया जाएगा कि ग्रीस यूरोज़ोन में रहना चाहता है या नहीं.

कान में जी-20 शिखर सम्मेलन से पहले ग्रीस के प्रधानमंत्री जॉर्ज पापैंद्रो को आपात बैठक के लिए बुलाया गया, जहाँ उन्होंने जनमत संग्रह कराने के अपने आश्चर्यजनक फ़ैसले के बारे में स्पष्टीकरण दिया.

इस क़दम से मंगलवार को बाज़ार में काफ़ी अफ़रातफ़री मची थी और इस बारे में यूरोपीय नेताओं से सहमति नहीं ली गई थी.

जी-20 समूह के सरकार प्रमुखों की गुरुवार को कान में औपचारिक रूप से दो दिवसीय बैठक शुरू हो रही है. इस दिन सबसे पहले अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा फ़्रांस के राष्ट्रपति सार्कोज़ी से मुलाक़ात करेंगे.

फ़ैसला

इस बीच यह पता चला है कि ब्रिटेन यूरो को सहारा देने के लिए अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के योगदान को बढ़ाए जाने का समर्थन करने को तैयार है.

लेकिन इस बीच चीन ने कहा है कि वह तब तक यूरोपीय वित्तीय स्थायित्व फ़ंड में निवेश करने के लिए वचनबद्ध नहीं है जब तक ग्रीस में स्थिति स्पष्ट नहीं हो जाती.

इससे पहले फ्रेंच और जर्मन नेताओं ने पापैंद्रो से मिलकर कहा कि वह अपनी प्रतिबद्धता पर क़ायम रहें और यह तय करें कि ग्रीस यूरोज़ोन में रहेगा या नहीं.

पापैंद्रो का कहना था कि ग्रीस यूरो ज़ोन का हिस्सा है और ग्रीस की जनता परिपक्व और बुद्धिमान हैं और देश के भविष्य के लिए सही फ़ैसला लेने की क्षमता रखती है.

उनका कहना था कि ग्रीस को यूरो ज़ोन का सदस्य होने का गर्व है लेकिन इसमे अधिकारों के साथ-साथ दायित्व भी ज़ड़े हुए हैं और जनमत संग्रह से ग्रीस दुनिया को बता देगा कि उसमें इन दायित्वों पर खरा उतरने की क्षमता है.

उन्होंने कहा कि जनमत संग्रह चार दिसंबर को हो सकता है और उन्हे यह विश्वास है कि ग्रीस के लोग यूरो ज़ोन में रहने के पक्ष में मतदान करेंगे.