ग्रीस कैबिनेट ने जनमत संग्रह को हरी झंडी दी

पापैंद्रो इमेज कॉपीरइट Reuters
Image caption पापैंद्रो ने स्पष्ट कर दिया कि जनता की राय ज़रूरी है

ग्रीस के प्रधानमंत्री जॉर्ज पापैंद्रो ने कहा है कि विश्व बाज़ार में चल रही अफ़रा-तफ़री के बावजूद वे यूरोपीय संघ के आर्थिक पैकेज पर जनमत संग्रह कराने के फ़ैसले पर क़ायम हैं.

प्रधानमंत्री पापैंद्रो के इस फ़ैसले पर यूरोज़ोन के नेताओं ने आश्चर्य व्यक्त किया है. लेकिन मंगलवार देर रात तक चली कैबिनेट की आपात बैठक में पापैंद्रो ने स्पष्ट कर दिया कि जनमत संग्रह होगा.

कैबिनेट ने भी प्रधानमंत्री के प्रस्ताव को सर्वसम्मति से मंज़ूरी दे दी है.

कैबिनेट की बैठक में पापैंद्रो ने कहा कि सरकार को ग्रीस की जनता की सहमति की आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि ख़र्चों में कटौती का कोई भी कार्यक्रम जबरन लागू नहीं किया जा सकता.

प्रधानमंत्री ने कहा कि जनमत संग्रह से ये स्पष्ट संदेश जाएगा कि ग्रीस यूरो और यूरोप के पक्ष में है.

इस बीच फ़्रांस के राष्ट्रपति निकोला सार्कोज़ी ने कहा है कि प्रधानमंत्री पापैंद्रो बुधवार को उनसे और जर्मनी की चांसलर एंगेला मर्केल से मुलाक़ात करेंगे.

बयान

देर रात हुई कैबिनेट की आपात बैठक के बाद प्रधानमंत्री पापैंद्रो के कार्यालय ने एक बयान जारी किया है. इस बयान में पापैंद्रो ने उम्मीद जताई है कि ग्रीस के सहयोगी देश उसकी नीतियों का समर्थन करेंगे.

तत्काल चुनाव कराने की संभावना को ख़ारिज करते हुए पापैंद्रो ने कहा कि इससे ग्रीस के कर्ज़ न चुका पाने का ख़तरा पैदा हो सकता है.

शुक्रवार को ग्रीस की सरकार संसद में एक अहम विश्वास मत का सामना भी करने वाली है.

ग्रीस की ओर से जनमत संग्रह की घोषणा के बाद मंगलवार को यूरोपीय और अमरीकी शेयर बाज़ारों में गिरावट देखी गई.

अभी जनमत संग्रह की तारीख़ नहीं तय हुई है. लेकिन जानकारों का मानना है कि पिछले सप्ताह यूरोपीय संघ के सम्मेलन में यूरो कर्ज़ संकट के समाधान के लिए हुए समझौते पर ख़तरा आ सकता है.

इस सम्मेलन में ग्रीस को 100 अरब यूरो का कर्ज़ देने पर सहमति हुई थी और ये भी तय हुआ था कि 50 फ़ीसदी कर्ज़ माफ़ कर दिया जाएगा.

लेकिन इसके बाद ग्रीस में व्यापक विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए थे. प्रदर्शनकारी यूरोपीय संघ की उस मांग का विरोध कर रहे थे, जिसमें ग्रीस से ख़र्चों में कटौती करने की बात कही गई थी.

संबंधित समाचार