पाकिस्तान ने दिया भारत को 'विशेष दर्जा'

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Image caption पाकिस्तान ने व्यापार के लिए भारत को विशेष दर्जा देने का फ़ैसला करीब दो हफ़्ते पहले किया था.

पाकिस्तान के मंत्रिमंडल ने भारत को सर्वाधिक वरीयता वाले देश (एमएफ़एन) का दर्जा देने की औपचारिक रुप से मंज़ूरी दे दी है.

केंद्रीय सूचना मंत्री फ़िरदौस आसिफ़ आवाण ने पत्रकारों से कहा कि मंत्रिमंडल की बैठक में भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाने के लिए अहम फ़ैसले लिए गए और भारत को औपचारिक रुप से व्यापार के लिए सर्वाधिक वरीयता वाले देश का दर्जा दे दिया गया.

उन्होंने बताया कि पाकिस्तान ने सौ से ज़्यादा देशों को सर्वाधिक वरीयता वाले देश का दर्जा दिया है और अब भारत भी उस सूची में शामिल हो गया है, जिससे क्षेत्र में व्यापार को बढ़ावा मिलेगा.

एमएफ़एन का क्या महत्व है?

उन के मुताबिक़ दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों की नींव पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना ने रखी थी और उन्होंने उस समय भी भारत को व्यापार के लिए विशेष दर्जा दिया था.

'व्यापार में बढ़ोतरी'

सूचना मंत्री ने कहा कि कुछ दिन पहले वणिज्य मंत्रालय ने मंत्रिमंडल से भारत के लिए सर्वाधिक वरीयता वाले देश का दर्जा देने की अपील की थी और अब मंत्रिमंडल ने सर्वसम्मति से उसको मंज़ूर कर लिया है.

उन्होंने बताया कि सरकार के इस फ़ैसले पर कुछ सांसदों ने आपत्ति जताई थी और कहा था कि कश्मीर समस्या के बावजूद भी इस प्रकार का दर्जा नहीं दिया जाना चाहिए.

उन्होंने कहा कि सरकार ने सभी पक्षों के बातचीत कर और उन्हें विश्वास में ले कर ही यह फ़ैसला लिया है क्योंकि इस फ़ैसले से दोनों देशों के लोगों को फ़ायदा होगा और आर्थिक गतिविधियाँ बढ़ेंगी.

ग़ौरतलब है कि पिछले महीने दिल्ली में भारत और पाकिस्तान के बीच व्यापारिक वार्ता हुई थी जिसमें दोनों पक्षों ने व्यापार को और बढ़ाने पर सहमति जताई थी.

भारत काफ़ी समय से यह मांग करता रहा था कि पाकिस्तान उसे व्यापार के लिए विशेष यानी एफ़एनएम का दर्जा दे.

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