यूरोज़ोन का विकास रुका

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Image caption यूरोज़ोन में कई देश कर्ज़ संकट का सामना कर रहे हैं

यूरोपियन संघ ने वर्ष 2012 के लिए यूरोज़ोन के संभावित विकास दर को 1. 8 प्रतिशत से घटाकर 0.5 प्रतिशत कर दिया है.

यूरोपियन कमिश्नर ओली रेन के अनुसार पूरे यूरोप में विकास रुक गया है, और आने वाले समय में एक बार फिर से मंदी की मार पड़ सकती है.

विकास दर में हुई गिरावट और इटली की अस्थिरता के कारण यूरोप के लिए उसके कर्ज़ संकट से उबरना और भी ज़्यादा मुश्किल हो गया है.

इटली ने गुरुवार को अपनी अर्थव्यस्था को स्थिर करने के लिए नए बॉन्ड जारी कर पांच अरब यूरो जुटाए लेकिन इसके साथ ही उसे एक साल के कर्ज़ के लिए 6.087 की दर से ब्याज भी चुकाना पड़ेगा.

ऊँची दर पर कर्ज़ लेने के इटली के इस क़दम के बाद गुरुवार को बाज़ार में काफ़ी उतार-चढ़ाव दिखा.

एक तरफ जहाँ न्यूयॉर्क के डाउ जोंस इंडेक्स ने जहां बुधवार के घाटे को कम करते हुए बेहतर आंकड़े दर्ज किए, वहीं लंदन की फ़ुटसी 100 और पेरिस की सीएसी 40 में घाटा दर्ज किया गया, जबकि फ्रैंकफर्ट की डैक्स को फ़ायदा हुआ.

दिन की शुरुआत में जापान के निक्की के शेयर इंडेक्स में 2.9 प्रतिशत, साउथ कोरिया के कोस्पी ने 3.8 प्रतिशत और हॉन्गकॉन्ग के हैंग-सैंग में 5.3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई.

कर्ज़ लेने के नतीजे

अक्तूबर महीने में इटली के सालाना बॉन्ड का ब्याज दर 3.57 प्रतिशत से बढ़ते हुए पिछले 14 वर्षों में सबसे ऊपर पहुँच गया था.

बुधवार को इटली के दस वर्षीय बॉन्ड ने पहली बार सात प्रतिशत की बढ़त हासिल की जो कि यूरोज़ोन की शुरुआत के बाद की सबसे ऊंची बढ़त है.

ब्याज के इस दर से ये पता चलता है कि अगर इटली अगले दस साल के लिए कर्ज़ लेता है तो उसे कम से कम सात प्रतिशत के हिसाब से ब्याज चुकाना पड़ेगा, विश्लेषकों का मानना है कि इस दर से ब्याज चुकाते रहना संभव नहीं होगा.

गुरुवार को इटली के दस वर्षीय बॉन्ड का मुनाफ़ा घटकर 6.90 प्रतिशत हो गया था.

यूरोपीय आयोग ने विकास के अपने संशोधित पूर्वानूमान में साफ़ किया है कि अगर राजनीतिक नीतियों में बदलाव नहीं आता है तो अगले साल इटली का कर्ज़ सकल घरेलू उत्पाद का 120.5 प्रतिशत रहेगा और ये वर्ष 2013 में जाकर ही 118.7 प्रतिशत तक हो सकता है.

आयोग के मुताबिक अगले साल ग्रीस के सकल घरेलू उत्पाद में भी उसका कर्ज़ बढ़कर सकल घरेलू उत्पाद का 198.3 प्रतिशत हो जाएगा.

ब्रितानी प्रधानमंत्री डेविन कैमरन ने यूरोज़ोन के नेताओं को जल्द कदम उठाने के लिए कहा है.

कैमरन के मुताबिक "कदम उठाने में की गई देरी, समस्याओं को बढ़ाएगी".

यूरोप में चल रही समस्या ने अंतरराष्ट्रीय उर्जा संगठन की ओर से तेल की मांग को लेकर किए जाने वाले पूर्वानुमान पर भी रोक लगा दी है.

उपाय

ऐसी खबरें आ रहीं थी कि इटली के घाटे को कम करने के लिए (ईसीबी) यानी यूरोपियन सेंट्रल बैंक ने गुरुवार को इटैलियन बॉन्ड की खरीदारी की.

ईसीबी के इस कदम से तत्काल राहत तो ज़रूर मिली है लेकिन सवाल ये है कि क्या ये लंबे समय तक कारगर होगी और इटली के सात प्रतिशत से ऊपर के घाटे को रोक पाएगी?

इसके बावजूद इस बात की चिंता बनी हुई है कि अगर ईसीबी इटली की मदद के लिए ऐसा नहीं करता है तो समस्याएं विकट हो सकती हैं.

कैपिटल इकोनॉमिक्स के जॉन हिगिंस के अनुसार, "मुमकिन है कि इटली की अर्थव्यवस्था अस्त-व्यस्त हो जाए और जिससे ना सिर्फ़ वहां के बैंकों की हालत ख़राब हो जाए बल्कि इसका असर दूसरे क्षेत्रों में भी पड़े "

पिछले महीने ग्रीस के कर्ज़ संकट को कम करने के लिए यूरोज़ोन के नेताओं ने बैंकों से ज़्यादा पूंजी जुटाने का आग्रह किया था ताकि वो भविष्य में ग्रीस के आर्थिक नुक़सान से खुद को बचा सकें.

इसके साथ ही बैंकों ने ग्रीस को दिए कर्ज़ की राशि में से 50 प्रतिशत का नुक़सान ख़ुद उठाना स्वीकार कर लिया था.

इसलिए ऐसी आंशका जताई जा रही है कि अगर इटली का कर्ज़ संकट भी गहराता है तो यहां भी बैंकों को ऐसे ही उपायों पर विचार करना होगा.

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