चीन ने दिया अमरीका को दो टूक जवाब

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Image caption चीन की मुद्रा विनिमय नीति को लेकर अमरीका काफ़ी समय से शिकायत कर रहा है

अपनी आर्थिक नीतियों का बचाव करते हुए चीन के राष्ट्रपति हू जिंताओ ने अमरीका से दो टूक शब्दों में कहा है कि अमरीका के व्यापार घाटे और बेरोज़गारी की वजह उसकी मुद्रा विनिमय नीति नहीं है.

अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने चीन के राष्ट्रपति हू जिंताओ से कहा कि अमरीका चीन की आर्थिक नीतियों से परेशान है और उसका धैर्य टूटता जा रहा है.

हवाई में एशिया प्रशांत आर्थिक सहयोग संगठन (एपेक) की वार्षिक बैठक के दौरान दोनों नेताओं की मुलाक़ात हुई.

हालांकि नेताओं के बीच सार्वजनिक रूप से इस भाषा में बात नहीं होती लेकिन ख़बरें हैं कि आमने सामने हुई निजी बातचीत में इसी भाषा में बात हुई.

चीन का जवाब

राष्ट्रपति ओबामा ने चीन से कहा था कि वह विश्व व्यापार के नियमों का पालन करे.

अमरीका का आरोप रहा है कि चीन ने अपनी मुद्रा युआन का अवमूल्यन कर रखा है जिससे कि उसे निर्यात में फ़ायदा मिलता रहे.

चीन के व्यापार रिकॉर्ड को लेकर राष्ट्रपति ओबामा पर घरेलू राजनीति में बड़ा दबाव है.

चीन के विदेश मंत्रालय की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार राष्ट्रपति ओबामा से हू जिंताओ ने दो टूक शब्दों में कहा कि अमरीका के व्यापार घाटे और बेरोज़गारी के लिए चीन की व्यापार नीतियाँ 'दोषी' नहीं हैं.

वेबसाइट के अनुसार उन्होंने कहा, "यदि युआन के मूल्य में स्थिरता के साथ बढ़ोत्तरी होती है तो भी वो समस्याएँ हल नहीं होंगीं जिसका सामना अमरीका कर रहा है."

सार्वजनिक तौर पर तो दोनों नेताओं ने आपसी सहयोग बढ़ाने की बात की.

हू ने कहा, "वैश्विक मंदी से उबरने की दिशा में एक तरह की अस्थिरता और अनिश्चितता है और ऐसी स्थिति में ये ज़रूरी है कि चीन और अमरीका आपसी संवाद और सहयोग को बढ़ाएँ."

इससे पहले कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों के साथ हुई बातचीत में राष्ट्रपति ओबामा ने बौद्धिक संपदा के मामले में चीन की नीतियों पर मतभेदों की खुली चर्चा की.

हालांकि चीन की ओर से इस पर कोई टिप्पणी नहीं आई है.

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