साइरस मिस्त्री होंगे टाटा के उत्तराधिकारी

साइरस मिस्त्री
Image caption साइरस मिस्त्री को उत्तराधिकारी सर्वसम्मति से चुना गया

टाटा समूह ने घोषणा की है कि उद्योगपति रतन टाटा के अगले साल सेवानिवृत्त होने के बाद साइरस मिस्त्री इस समूह के चेयरमैन का कार्यभार सँभालेंगे.

इस तरह टाटा परिवार से बाहर के एक व्यक्ति को अब ये ज़िम्मेदारी सौंपी जाने वाली है.

मिस्त्री को बुधवार को टाटा संस का उप प्रमुख नियुक्त कर दिया गया. समूह के निदेशक मंडल की बैठक में ये फ़ैसला हुआ.

मंडल की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि मिस्त्री एक साल तक उप प्रमुख की भूमिका में काम करेंगे और उस दौरान रतन टाटा उन्हें दिसंबर 2012 में कार्यभार सँभालने के लिए तैयार करेंगे.

इस फ़ैसले पर ख़ुद रतन टाटा ने कहा, "साइरस मिस्त्री को टाटा संस का उप प्रमुख बनाने का फ़ैसला एक अच्छा और दूरदर्शी निर्णय है. मैं उनकी हिस्सेदारी की गुणवत्ता, उनकी सूक्ष्म दृष्टि और उनकी विनम्रता से प्रभावित हूँ."

'सम्मानित'

वहीं इस चयन के बाद मिस्त्री ने बयान जारी करके कहा, "मैं इस नियुक्ति से काफ़ी सम्मानित महसूस कर रहा हूँ. मुझे पता है कि मुझे एक काफ़ी बड़ी ज़िम्मेदारी दी जा रही है जिसकी एक बड़ी विरासत है."

रतन टाटा का उत्तराधिकारी चुनने के लिए बनी चयन समिति ने सर्वसम्मति से ये फ़ैसला किया है.

गाड़ियों में जैगुआर, लैंड रोवर्स से लेकर चाय, नमक और स्टील आदि के क्षेत्र में टाटा समूह की अच्छी पहचान है.

इससे पहले विश्लेषक माने रहे थे कि टाटा अपने परिवार से ही किसी को उत्तराधिकारी नियुक्त करेंगे.

साइरस मिस्त्री 43 वर्षीय युवा उद्योगपति हैं और टाटा संस में सबसे बड़ी व्यक्तिगत हिस्सेदारी रखने वाले पल्लनजी मिस्त्री के पुत्र हैं. उनकी हिस्सेदारी 18 प्रतिशत है.

मिस्त्री वर्ष 2006 से टाटा संस के बोर्ड के सदस्य रहे हैं और वह लंदन के इंपीरियल कॉलेज और लंदन बिज़नेस स्कूल से पढ़े हैं.

रतन टाटा ने मिस्त्री के बारे में कहा, "वह काफ़ी बुद्धिमान हैं और उन्हें जो भूमिका दी गई है उसके लिए वह पूरी तरह योग्य हैं."

वहीं मिस्त्री ने कहा है कि वह इस ज़िम्मेदारी को काफ़ी गंभीरता से लेते हैं और आगे चलकर किसी तरह के हितों के टकराव से बचने के लिए वह पारिवारिक बिज़नेस से ख़ुद को अलग कर लेंगे.

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