चीनी अर्थव्यवस्था में अनिश्चितता के संकेत

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Image caption चीन में फ़ैक्टरियों के उत्पादन में कमी आई है

अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में कमज़ोरी के नए संकेत सामने आए हैं. दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था चीन में जारी हुए आधिकारिक आँकड़ों में बताया गया है कि निर्माण क्षेत्र में होने वाला उत्पादन मार्च 2009 के बाद पहली बार गिरा है.

इस घोषणा से ठीक पहले चीन की सरकार ने कर्ज़ देने को बढ़ाने की कोशिशों के तहत बैक रिज़र्व की ज़रूरतों को उदार बनाने के क़दम उठाए हैं.

इन नए आँकड़ों से पता चलता है कि दुनिया का वर्कशॉप कहा जाने वाला चीन अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में अनिश्चितता का असर महसूस कर रहा है.

चीन के व्यापक निर्माण क्षेत्र में उत्पादन कम हो रहा है. आधिकारिक परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (पीएमआई) में गिरावट आई है और ये नवंबर में उम्मीद से उलट 49 तक पहुँच गया.

इस सूचकांक के 50 से नीचे जाने का मतलब यही माना जाता है कि औद्योगिक उत्पादन बढ़ने की जगह घट रहा है.

असर

एक सरकारी अधिकारी जांग ली क्यून ने कहा, "50 मध्य बिंदु है और आँकड़े का उससे नीचे जाने का अर्थ यही है कि औद्योगिक उत्पादन की दर भविष्य में भी धीमी ही रहेगी".

पिछले कुछ वर्षों में चीन के अभूतपूर्व विकास के पीछे औद्योगिक माल का बड़े पैमाने पर निर्यात रहा है मगर जैसे जैसे विकसित देश में आर्थिक मंदी की वजह से माँग घट रही है उसका असर चीन पर गहरा होता जा रहा है.

इससे ये भी संकेत मिलते हैं कि क़रीब तीन साल में पहली बार फ़ैक्टरियों के उत्पादन में गिरावट आई है. इसका कारण माना जा रहा है कि यूरोप और अमरीका से मिलने वाले निर्यात के ऑर्डर्स में कमी.

चीन की अर्थव्यवस्था में अब भी प्रति वर्ष नौ प्रतिशत की दर से बढ़ोत्तरी हो रही है. लेकिन ये बढ़ोत्तरी उम्मीद से उलट तेज़ी से कम हो रही है.

इस मामले में दखल देते हुए चीन के सेंट्रल बैंक ने नकद अनुपात में कमी की है. इसका मक़सद कर्ज़ देने को बढ़ावा देना है.

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