'एफ़डीआई पर सरकारी फ़ैसला गलत'

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Image caption उद्योग संगठन एसोचैम ने कहा कि राजनीतिक दबाव में किए गए इस फ़ैसले से विदेशों में भारत की छवि को नुकसान पहुँचेगा

खुदरा व्यापार में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश पर फ़िलहाल रोक लगाने के सरकार के फ़ैसले की उद्योग संगठनों ने आलोचना की है.

बुधवार को एफ़डीआई मुद्दे पर बुलाई गई बैठक में विदेशी निवेश के फ़ैसले पर रोक लगाने और आम सहमति बनाने पर रज़ामंदी हुई थी.

उद्योग संगठन फ़िक्की के अध्यक्ष हर्ष मारीवाला ने इसे पीछे जाने वाला कदम बताया.

एक वक्तव्य में उन्होंने कहा कि मल्टीब्रैंड रिटेल में 51 प्रतिशत तक और सिंगल ब्रैंड रिटेल में 100 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश पर रोक लगाने का फ़ैसला 'निराशाजनक' है.

दूरसंचार कंपनी एयरटेल के राजन भारती मित्तल ने सरकारी फ़ैसले को 'खेदजनक' करार दिया और कहा कि मल्टी ब्रैंड रिटेल में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की अनुमति देना देश के लिए बहुत अच्छा होगा और इससे किसानों को फ़ायदा होगा.

मित्तल ने कहा, “हमें उम्मीद है कि विभिन्न तरह के लोग इन बातों को पहचानेंगे और सर्वसम्मति बनाने में मदद करेंगे.”

हर्ण मारीवाला ने सरकार से आग्रह किया कि वो सुधार प्रक्रिया को आगे बढ़ाए. उन्होंने कुछ सुझाव भी दिए.

उन्होंने कहा, “हम गुज़ारिश करते हैं कि सिंगल ब्रैंड रिटेल में 100 प्रतिशत तक के निवेश की इजाज़त दी जाए. मल्टीब्रैंड रिटेल में 51 प्रतिशत के बजाए 49 प्रतिशत तक की इजाज़त हो. छोटी कंपनियों से सामान लेने के प्रतिशत को बढ़ाया जाए. जिन शहरों में निवेश की इजाज़त हो, उनकी जनसंख्या 15 लाख तक की हो, ना कि 10 लाख.”

उधर उद्योग संगठन एसोचैम ने कहा है कि राजनीतिक दबाव में किए गए इस फ़ैसले से विदेशों में भारत की छवि को नुकसान पहुँचेगा और गिरते रुपए की कीमत पर और दबाव पड़ेगा.

एसोचैम महासचिव डीएस रावत ने कहा, “सरकार के हाथ से एक अच्छा मौका निकल गया है. इस कदम से तीन सालों में एक करोड़ नई नौकरियाँ पैदा हो सकती थीं और अन्न की बरबादी को रोका जा सकता था. विदेशी निवेश से किसानों को फ़ायदा होता और उन्हें अपनी फ़सल का अच्छा पैसा मिलता.”

उधर जम्मू और कश्मीर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्लाह ने एक ट्वीट में कहा कि अगर विदेशी निवेश पर सर्वसम्मति का मतलब है कि ज़्यादातर लोग इस प्रस्ताव के हक़ में हों, तो आगे जाने का रास्ता खुला है, लेकिन अगर इसका मतलब है कि सभी इस प्रस्ताव के सहमत हों तो ये प्रस्ताव मृत जैसा है.