ईसीबी ने ब्याज दर फिर घटाई

यूरोपीय केंद्रीय बैंक ईसीबी ने ब्याज दर घटाकर एक प्रतिशत कर दी है. वित्तीय बाज़ार पहले से ही इसकी आशंका जता रहे थे.

ब्याज दर में 0.25 अंकों की ये कटौती ऐसे समय पर हुई है जब यूरोज़ोन पर मंदी का ख़तरा मंडरा रहा है.

बैंक का ये फ़ैसला ब्रसेल्स में यूरोपीय संघ के नेताओं की 'करो-या-मरो' शिखर वार्ता से ठीक पहले आया है. ये सम्मेलन यूरो मुद्रा को बचाने की योजना बनाने के लिए हो रहा है.ईसीबी ने पिछले महीने ही ब्याज दर में कटौती की थी.

शुक्रवार को यूरोपीय संघ की दो दिन की शिखर वार्ता ख़त्म हो रही है. उम्मीद की जा रही है कि यहाँ कड़े नए नियमों और जुर्मानों पर सहमति बनेगी जिनसे सुनिश्चित होगा कि यूरोज़ोन देश की सरकारें अपने कर्ज़ को अपने सकल घरेलू उत्पाद से तीन प्रतिशत कम रखें.

बैंकों का पतन

उम्मीद की जा रही है कि कि ईसीबी यूरोज़ोन देशों के बैंकों को सहारा देने के लिए और कदमों की घोषणा करेगा.

कई देशों के बैंक ईसीबी के मौजूदा आपातकालिक कर्ज़ों पर पहले से ज़्यादा निर्भर हो रहे हैं क्योंकि उन्हें बाज़ार से उधार लेने में मुश्किल हो रही है.

साथ ही कई अन्य मज़बूत बैंक केंद्रीय बैंक में पहले से ज़्यादा नकद जमा कर रहे हैं जिसका मतलब है कि वे बाकी बैंकों को उधार नहीं देना चाहते क्योंकि उन्हें उन पर भरोसा नहीं है.

इस बीच ग्रीस में बैंकों से नागरिक तेज़ी से पैसा निकाल रहे हैं.उन्हें आशंका है कि उनका देश जल्द ही यूरोज़ोन से निकल सकता है. ग्रीस के बैंकों के जमाकर्ताओं का भुगतान करने के लिए ईसीबी इन बैंकों को नकद मुहैया करा रहा है.

लेकिन ईसीबी के इस कदम से यूरोज़ोन के केंद्रीय बैंकों पर दबाव बढ़ गया है. साथ ही अगर ग्रीस आगे चलकर अपने कर्ज़ चुकाना बंद कर दे या फिर यूरोज़ोन से बाहर निकलता है, तो इससे ईसीबी को होने वाले नुक्सान की संभावनाएं बढ़ जाती हैं.

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