औद्योगिक उत्पादन में पाँच फ़ीसदी की गिरावट

भारत के औद्योगिक उत्पादन में पिछले साल अक्तूबर के मुकाबले इस साल अक्तूबर में 5.1 फ़ीसदी की गिरावट आई है. सरकारी आँकड़ों के अनुसार दो वर्षों में पहली बार इस तरह की गिरावट देखी गई है.

इसे भारतीय अर्थव्यवस्था में आ रही मंदी के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है.

पिछले हफ़्ते ही सरकार ने इस वित्तीय वर्ष के लिए आर्थिक विकास का पूर्वानुमान नौ फ़ीसदी से घटाकर 7.25 और 7.75 फ़ीसदी के बीच कर दिया है.

पिछले अक्तूबर के मुताबिक़ निर्माण क्षेत्र में उत्पादन छह फ़ीसदी गिरा है. खनन क्षेत्र का उत्पादन 7.2 प्रतिशत घटा है.

अब तक उम्मीद जताई जा रही थी कि यूरोप और अमरीका के ख़राब हालात देखते हुए भारत जैसे देश वैश्विक विकास को बढ़ावा दे सकते हैं. लेकिन नए आँकड़ों से उन उम्मीदों को धक्का पहुँचा है.

वैसे रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया की शुक्रवार को बैठक है लेकिन औद्योगिक उत्पादन के आँकड़े देखते हुए सवाल उठाए जा रहे हैं कि क्या बैंक ब्याज दर में फिर से बढ़ोत्तरी कर पाएगा या नहीं.

केंद्रीय रिज़र्व बैंक ने मुद्रा स्फ़ीति को काबू में लाने के लिए ब्याज दरें मार्च 2010 के बाद 13 बार बढ़ाई हैं, जिसका अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ा है.

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