आर्थिक मुद्दों पर सरकार सर्वसम्मति लाएगीः प्रणब

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Image caption प्रणब मुखर्जी ने राज्य सभा में एक बहस के दौरान कहा, ''हम में क्षमता और सहनशीलता है कि हम इस संकट से उभर पाएँगे.''

भारत की आर्थिक हालात पर चिंतित केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने कहा है कि सरकार सुधार लाने के लिए सभी पार्टियों में सर्वसम्मति लाने का प्रयास करेगी.

उन्होंने कहा कि भारत के औद्योगिक उत्पादन में गिरावट आने के बाद सवाल पूछे जा रहे हैं कि क्या भारत की अर्थव्यवस्था पटरी से उतर जाएगी.

प्रणब मुखर्जी ने राज्य सभा में एक बहस के दौरान कहा, ''हममें क्षमता और सहनशीलता है कि हम इस संकट से उभर पाएँगे.''

भारत के औद्योगिक उत्पादन में पिछले साल अक्तूबर के मुकाबले इस साल अक्तूबर में 5.1 फ़ीसदी की गिरावट आई है जबकि डॉलर की तुलना में 53 रुपए पर रुपया अब तक के सबसे न्यूनतम दर पर पहुँच गया है.

मंगलवार को राज्य सभा ने चालू वित्त वर्ष के लिए 63,180 रुपए के अतिरिक्त खर्च को भी मंज़ूरी दे दी.

'कोई रुकावट न हो'

वित्त मंत्री ने कहा कि अर्थव्यवस्था को उभारने के लिए ये दिखाना होगा कि सदन और बाकी संस्थाएं बिना किसी रुकावट के चल सकती हैं.

उन्होंने सदन में लगातार पड़ रहे विघ्न पर निराशा व्यक्त की और कहा, ''हमें अस्थिरता को संस्थागत नहीं करना चाहिए.''

उन्होंने कहा कि आर्थिक संकट की स्थिति को देखते हुए राजनीतिक पार्टियों को ये दिखाना होगा कि सदन और बाकी संस्थानों में कार्रवाई हो क्योंकि इसी से अर्थव्यवस्था में विश्वास लौटेगा.

उन्होंने कहा, ''सरकार आर्थिक नीतियों पर सर्वसम्मति लाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी.''

उन्होंने ऐसी सोच को भी खारिज़ किया कि सरकार फैसले लेने के मामलों में बहुत धीमी है.

उन्होंने कहा कि सरकार ने बहुत सारे फ़ैसले लिए हैं जिसमें राष्ट्रीय उत्पादन नीति, छोटे उघोगों और ऋण-युक्त बुनकरों को बढ़ावा देना शामिल हैं.

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