रूस को डब्ल्यूटीओ की सदस्यता

डब्ल्यूटीओ में शामिल हुआ रूस इमेज कॉपीरइट AFP
Image caption रूस को 18 साल से इस दिन का इंतज़ार था

रूस शुक्रवार को जेनेवा में एक औपचारिक कार्यक्रम में विश्व व्यापार संगठन में शामिल हो रहा है.

डब्ल्यूटीओ की जेनेवा में एक मंत्रिस्तरीय बैठक हो रही है और वहाँ रूस को शामिल किया जाना रूस के वर्षों से चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है.

रूस को उम्मीद है कि डब्ल्यूटीओ की सदस्यता मिल जाने के बाद भारत और ब्राज़ील जैसे तेज़ी से बढ़ रहे देशों के साथ ही अमरीका जैसे बड़े देशों के साथ भी उसके व्यापारिक संबंध और मज़बूत होंगे.

मगर रूस को ऐसे समय में सदस्यता मिली है जबकि विश्व व्यापार की चर्चा एक गतिरोध में फँसी हुई है और उसके सुलझने के कोई आसार भी नहीं दिखते.

वैसे इस दिन के लिए रूस को 18 वर्षों का लंबा इतंज़ार करना पड़ा. इस दौरान डब्ल्यूटीओ के कई मौजूदा सदस्य लगातार ये शक करते रहे कि रूस की अर्थव्यवस्था संगठन में आने योग्य है भी या नहीं.

अभी वो शक दूर हो ही रहे थे कि एक राजनीतिक हस्तक्षेप हुआ जहाँ जॉर्जिया ने रूस को शामिल करने का विरोध किया.

अटकी बातचीत

जॉर्जिया पहले से ही डब्ल्यूटीओ का सदस्य है और 2008 में इन दोनों देशों के बीच हुए संघर्ष के बाद से उसने रूस की सदस्यता की अर्ज़ी पर अड़ंगा लगा रखा था.

अब उन आपत्तियों को दूर कर दिया गया है और रूस आधिकारिक रूप से सदस्य बन जाएगा.

लंबे समय से डब्ल्यूटीओ के सदस्य देशों को उम्मीद है कि रूस में प्रतियोगिता को और बढ़ावा मिलेगा और साथ ही वहाँ पारदर्शिता भी बरती जाएगी.

मगर अब दूर क्षितिज पर संशय के दूसरे बादल मँडरा रहे हैं और वो हैं विश्व व्यापार के दोहा दौर की अटकी हुई बातचीत से जुड़े.

उसका उद्देश्य व्यापारिक बाधाओं को दूर करना और विकासशील देशों के लिए विकसित देशों का बाज़ार खोलना है मगर वो बातचीत कुछ इस क़दर अटकी है कि प्रगति के कोई संकेत दिख ही नहीं रहे हैं.

साथ ही इसकी भी कोई उम्मीद नहीं दिखती है कि जेनेवा में हो रही ये बैठक गतिरोध दूर करने में कोई सफलता पाएगी.

संबंधित समाचार