फ़्रांस सहित नौ देशों की क्रेडिट रेटिंग में कटौती

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Image caption यूरो देशों के आर्थिक संकट को लेकर अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने कई उपाय किए हैं

अंतरराष्ट्रीय क्रेडिट रेटिंग एजेंसी स्टैंडर्ड ऐंड पूअर्स ने यूरो मुद्रा वाले 16 देशों में से नौ देशों की क्रेडिट रेटिंग कम कर दी है.

इनमें यूरो मुद्रा वाले देशों में दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था फ़्रांस भी शामिल है. इसके अलावा ऑस्ट्रिया ने भी अपनी ट्रिपल ए रेटिंग खो दी है.

स्टैंडर्ड ऐंड पूअर्स ने पुर्तगाल के कर्ज़ को उसी श्रेणी में रखा है जिसमें ग्रीस को रखा गया है.

इतना ही नहीं, क्रेडिट रेटिंग एजेंसी ने चेतावनी दी है कि यूरो मुद्रा वाले बाकी 14 देशों की क्रे़डिट रेटिंग और भी कम की जा सकती है.

यूरोपीय यूनियन के शीर्ष आर्थिक अधिकारियों ने स्टैंडर्ड ऐंड पूअर्स के इस फ़ैसले की निंदा की है.

यूरोपीय यूनियन के आर्थिक मामलों के एक अधिकारी ओली रेन ने स्टैंडर्ड ऐंड पूअर्स के इस क़दम को ये कहते हुए अनुचित बताया है कि यूरो मुद्रा वाले देश कर्ज़ संकट के समाधान के लिए निर्णायक कार्रवाई कर रहे हैं.

स्टैंडर्ड ऐंड पूअर्स ने इसके पीछे तर्क दिया है कि यूरो मुद्रा के संकट को ख़त्म करने के लिए सरकार की योजनाएं पर्याप्त नहीं हैं और यही जोख़िम इस संकट को बढ़ा रहा है.

क्या है क्रेडिट रेटिंग एजेंसी?

रेटिंग एजेंसी का कहना है कि पुर्तगाल और स्पेन जैसी कमज़ोर अर्थव्यवस्थाएं पहले से ज़्यादा आर्थिक मंदी की चपेट में आ सकती हैं.

क्रेडिट रेटिंग गिरने के वजह से निवेशक यूरो मुद्रा वाले देशों की कर्ज़ में डूबी सरकारों तथा बैंकों से और भी दूरी बना सकते हैं.

फ़िलहाल इन बैंकों के दीवालिया होने की आशंका कम ही है क्योंकि बीते साल क्रिसमस से पहले यूरोपीय सेंट्रल बैंक ने उनमें नई जान फूंकी थी.

बड़ा धक्का

यूरो मुद्रा वाले नौ देशों की क्रेडिट रेटिंग में गिरावट, यूरोप के कर्ज़ संकट के समाधान की दिशा में एक बड़ा झटका है.

स्टैंडर्ड ऐंड पुअर्स ने फ़िलहाल फ़्रांस और ऑस्ट्रिया की ही ट्रिपल ए रेटिंग गिराई है. यूरो मुद्रा वाले एक अहम देश इटली और स्पेन की क्रे़डिट रेटिंग में दो अंकों की कटौती की गई है जबकि स्पेन को ग्रीस की श्रेणी में रखा गया है.

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Image caption फ़्रांस के वित्त मंत्री फ़्रांस्वा बारवांग का कहना है कि ये प्रलय की स्थिति नहीं है

फ़्रांस की ट्रिपल ए क्रेडिट रेटिंग गिरने की वजह से यूरो मुद्रा वाले देशों के लिए सहायता राशि पर भी असर पड़ सकता है क्योंकि ये उन देशों की विश्वसनीयता पर निर्भर करता है जो इसका समर्थन करते हैं.

स्टैंडर्ड ऐंड पुअर्स के इस फ़ैसले की एक बड़ी वजह ये नज़रिया है कि केवल ख़र्चो में कटौती करने से बात नहीं बनेगी.

क्रेडिट एजेंसी ने इस संकट के समाधान के लिए यूरोप के नीति-निर्माताओं के प्रयासों पर भी संदेह जताया है.

फ़्रांस का रूख़

फ़्रांस के वित्त मंत्री फ़्रांस्वा बारवांग ने कहा है कि क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों को देश की नीतियों को प्रभावित नहीं करने देंगे.

बीबीसी संवाददाता के अनुसार ये फ़्रांस के लिए एक बड़ा झटका है और इस क़दम से फ़्रांस में सरकारी कर्ज़ की क़ीमत बढ़ जाएगी.

बारवांग ने कहा, "ये अच्छी ख़बर नहीं है. लेकिन ये प्रलय की स्थिति भी नहीं है. फ़्रांस की नीतियां रेटिंग एजेंसियां तय नहीं करतीं. "

फ़िलहाल फ़्रांस की रेटिंग एस ऐंड पी ने ही कम की है.

बाक़ी दो प्रमुख अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों - मूडीज़ और फ़िच - ने अब भी फ़्रांस को ट्रिपल ए की रेटिंग दे रखी है.

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