प्राइवेट से पब्लिक बनने की ओर फ़ेसबुक

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Image caption फ़ेसबुक के संस्थापक मार्क ज़ुकरबर्ग का कंपनी में 28.4 फ़ीसदी का हिस्सा है

इंटरनेट पर छा जाने के बाद दुनिया की सबसे बड़ी सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट फ़ेसबुक ने आईपीओ के ज़रिए पांच अरब डॉलर जुटाने की योजना बनाई है.

विशेषज्ञों ने अनुमान लगाया था कि फ़ेसबुक 10 अरब डॉलर तक जुटाने का ऐलान कर सकती है.

अनुमानित से आधा धन जुटाने की घोषणा के बावजूद ये उम्मीद की जा रही है कि फ़ेसबुक की शेयर बिक्री किसी इंटरनेट कंपनी का अब तक का सबसे बड़ा प्रारंभिक पब्लिक इश्यू यानी की आईपीओ होगा.

आठ साल के फ़ेसबुक को हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के छात्रों ने शुरु किया था, वेबसाइट के क़रीब 84.5 करोड़ यूज़र्स है. फेसबुक ने पिछले साल एक अरब डॉलर का मुनाफ़ा भी कमाया.

खुद का शेयर निकालने की योजना को अमली जामा पहनाने के लिए फ़ेसबुक ने अमरीकी शेयर बाज़ार बंद होने के बाद शेयर बाज़ार की नियामक संस्था सिक्युरिटीज़ एंड एक्सचेंज कमीशन के पास ज़रूरी दस्तावेज़ जमा किए.

वित्तीय जानकारी

फ़ेसबुक की तरफ से जमा किए गए दस्तावेज़ों में पहली बार कुछ ऐसी भी जानकारियां बताई गई जिसके बारे में विशेषज्ञ अब तक अनुमान ही लगाते रहे थे.

कंपनी की ओर से जानकारी दी गई की साल 2011 में उसकी कुल आय 65 फ़ीसदी बढ़ कर एक अरब डॉलर तक पहुँच गया, जबकि इसी साल उसकी कुल आमदनी 3.71 अरब डॉलर रही थी.

ये भी बताया गया कि फ़ेसबुक के संस्थापक मार्क ज़ुकरबर्ग का कंपनी में 28.4 फ़ीसदी का हिस्सा है.

बीबीसी संवाददाता रोरी सेल्लान जोंस ने कहा, ''हमें पहली बार इस अदभुत कंपनी की वित्तीय रूपरेखा को देखने का मौका मिला है. दस्तावेज़ों से दिखता है कि फ़ेसबुक काफ़ी तेज़ी से मुनाफ़ा कमाते हुए आगे बढ़ रहा है. दो साल में लगभग केवल विज्ञापनों से फ़ेसबुक की आमदनी पांच गुना बढ़ी है.''

फ़ेसबुक के बैंकर्स बाज़ार में निवेशकों की रूचि को परखेंगे जिसके बाद आईपीओ के लिए तय किए गए रकम में बदलाव हो सकते है.

फ़ेसबुक के क़ीमत की बात करे तो रिपोर्टों का कहना है कि ये 100 अरब डॉलर का हो सकता है, लगभग उतनी ही क़ीमत दूसरी अमरीकी कंपनियां अमेज़न और मैक डॉनल्ड की भी है.

विज्ञापन

वेबसाइट फ़ेसबुक अपनी ज़्यादातर कमाई इंटरनेट विज्ञापनों के ज़रिए करती है.

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि मुफ्त सेवा होने के कारण फ़ेसबुक के प्रयोगकर्ता या यूज़र्स उपभोक्ता ना होकर इसके उत्पाद है.

समवाददाता रोरी सेल्लान जोंस ने कहा, ''फ़ेसबुक अपने यूज़र्स का समय, पसंद, नापसंद और कुछ जानकारियां बेच रहा है ताकि विज्ञापनदाता ऐसे यूज़र्स तक पहुँच पाए जिनकी पसंद उनके उत्पाद से मेल खाती हो.''

प्राईवेट से पब्लिक कंपनी हो जाने के बाद फ़ेसबुक को अपनी वित्त व्यवस्था से जुड़ी ज़रूरी जानकारियां समय समय पर सार्वजनिक करनी पड़ेगी.

रेडम्येन बेंटली में शेयर ब्रोकर फिल वॉंग ने कहा, ''फ़ेसबुक के आगे बढ़ने की क्षमताओं को देखते हुए निवेशकों को इसके आईपीओ का इंतज़ार था.''

बीते कुछ महीनों में फ़ेसबुक से पहले भी कई ऑनलाइन कंपनियां शेयर बाज़ार में उतरीं थी.

ऑनसाइन कूपन बेचने वाली कंपनी ग्रूपॉन नवंबर में, तो इंटरनेट गेमिंग कंपनी ज़िंगा दिसंबर में शेयर बाज़ार में उतरे.

हालांकि व्यापार के पहले दिन ही ज़िंगा के स्टॉक्स की बाज़ार क़ीमत गिर गई.

पिछले साल मई में सोशल नेटवर्किंग साइट लिंक्ड इन के भी शेयर भाव गिर गए.

इन सबके बावजूद विशेषज्ञ फ़ेसबुक के शेयर बाज़ार में अच्छे प्रदर्शन को लेकर आश्वस्त हैं.

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