ईरानी तेल से 'परहेज़' की अमरीकी सलाह

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Image caption अमरीकी प्रवक्ता ने कहा कि अमरीका ने ईरानी तेल पर भारत रूस और चीन को चर्चा की है

अमरीकी ने कहा है कि वह भारत, पाकिस्तान, चीन और रूस के साथ चर्चा कर रहा है ताकि वे ईरान के तेल से परहेज करें और अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय (अमरीकी) प्रतिबंधों का महत्व समझें ताकि इन्हें और प्रभावी बनाया जा सके.

अमरीकी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता विक्टोरिया नूलैंड ने कहा," हमने इन सभी सरकारों को बताया है कि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध, राष्ट्रीय प्रतिबंध कितने महत्वपूर्ण हैं और वे इन प्रतिबंधों को बढ़ाने के लिए क्या कर सकते हैं, खास तौर वे ईरान के तेल से दूर रहें."

कौन से अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध लगे हैं ईरान पर?

नूलैंड ने दावा किया कि ईरान के ऊपर लगे अमरीकी व अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध ईरान को चुभने लगे हैं और 'इसलिए महीनों के बाद ईरान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से बातचीत का सुझाव रखा है.'

महत्वपूर्ण है कि भारत अपना लगभग 80 प्रतिशत तेल विदेशों से आयात करता है और इसमें से लगभग 12 प्रतिशत वह ईरान से लेता है. उधर ईरान से निर्यात होने वाले तेल में सबसे अधिक तेल भारत को ही जाता है.

'अफगानिस्तान में गतिविधियों पर चिंता'

ईरान, पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच त्रिपक्षीय शिखर वार्ता के बारे में एक प्रश्न के उत्तर में नूलैंड ने कहा कि अमरीका इस सम्मलेन का स्वागत करता है लेकिन वहीं तक जहाँ तक यह अफगानिस्तान की समस्या के हल की दिशा में जाता हो.

नूलैंड ने कहा, "हमें अफगानिस्तान में ईरान की भूमिका पर चिंता है और अगर इस विषय पर बात होती है तो हम इसका स्वागत करते हैं."

गौरतलब है कि इस्लामाबाद में आयोजित इस त्रिपक्षीय शिखर सम्मलेन में पाकिस्तान ने कहा था कि अगर अमरीका ईरान पर हमला करता है तो पाकिस्तान उसकी मदद नहीं करेगा.

नूलैंड ने ईरान-पकिस्तान गैस पाईपलाइन के बारे में एक प्रश्न के उत्तर में बताया कि अमरीका की नज़र में यह चिंताजनक है और अमरीका ने अपनी राय से पाकिस्तान को अवगत करा दिया है.

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