विश्व बैंक के नए प्रमुख का जोर बाजार आधारित विकास पर

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Image caption पेशे से डॉक्टर किम का कहना है कि उनका अनुभव उनकी नई भूमिका में मददगार साबित होगा

विश्व बैंक के नए अध्यक्ष जिम योंग किम ने कहा है कि पूंजीवादी बाजार आधारित वृद्धि ही हर एक देश के लिए प्राथमिकता है.

बीबीसी से बातचीत में डॉ. किम ने कहा कि बाजार आधारित वृद्धि से ही नौकरियां पैदा करने और लोगों को गरीबी से निकालने में मदद मिलेगी. ये दो मुद्दे विश्व आर्थिक वृद्धि के लिए बहुत जरूरी हैं.

किम सोमवार को विश्व बैंक के नए प्रमुख चुने गए.

कोरियाई मूल के अमेरिकी नागरिक किम ने रॉबर्ट जोएलिक का स्थान लिया है. उनका कार्यकाल पांच का साल का होगा जो पहली जुलाई से शुरू हो रहा है.

'सबूतों पर काम'

52 वर्षीय जिम योंग किम पेशे से डॉक्टर हैं और उन्होंने एचआईवी/एड्स के इलाज और विकासशील देशों में टीवी के प्रभाव को कम करने के लिए अहम योगदान दिया है.

किम के मुताबिक उन्होंने 25 साल तक विकासशील देशों में काम किया है और उनका वास्ता ऐसे मुद्दों और कार्यक्रमों से पड़ा है जहां विश्व बैंक अहम भूमिका अदा करता है.

डॉ. किम का कहना है कि उनकी पृष्ठभूमि और अनुभव बैंक की नीतियों को और ज्यादा सफल तरीके से लागू करने में मददगार साबित होंगे.

किम के मुताबिक, "मैं चिकित्सक हूं. चिकित्सक किसी विचारधारा या किसी किसी राजनीतिक नजरिए के मुताबिक काम करने के बजाय सिर्फ सबूतों पर काम करता है."

उन्होंने कहा कि वह विभिन्न इलाकों की सांस्कृतिक और सामाजिक विशेषताओं को ध्यान में रखेंगे ताकि विश्व बैंक की विभिन्न योजनाओं से वांछित नतीजे हासिल किए जा सकें.

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