ग्राहकों को गुमराह करने वालों की खैर नहीं

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Image caption यह कदम ग्राहकों के हित में उठाया गया है

ब्रिटेन में सही तरीके से होने वाले व्यापार को बढ़ावा देने वाली संस्था 'द ऑफिस ऑफ फेयर ट्रेडिंग' (ओएफटी) ने कारोबारियों को चेतावनी दी है कि वे अपने फायदे के लिए गुमराह करने या अवांछित नामों का सहारा न लें.

नियामक संस्था ओएफटी ऐसे कारोबारी नामों के खिलाफ कदम उठा सकता है जो ग्राहकों को कंपनी की व्यावसायिक स्थिति के बारे में गमुराह करते हैं.

संस्था की चिंता उन कंपनियों को लेकर है जो खुद को धर्मार्थ काम करने वाली या सरकारी एजेंसी बताती हैं.

सख्त रुख

वैसे ओएफटी के प्रवक्ता ने बताया कि सवालों के दायरे में आने वाले ऐसे ज्यादातर नामों को कारोबारियों के साथ औपचारिक विचार विमर्श के बाद बदल दिया गया.

हालांकि ऐसा बहुत ही कम हुआ है जब किसी कंपनी ने गुमराह करने वाले नाम से लाइसेंस के लिए आवेदन किया और ओएफटी ने इनकार कर दिया हो.

ओएफटी का कहना है कि उसका मकसद व्यावसायिक कंपनियों को ऐसे नामों का इस्तेमाल करने से रोकना है जो मुफ्त, निष्पक्ष, धर्मार्थ या सार्वजिक क्षेत्र की मदद तलाश रहे लोगों को गुमराह कर सकते हैं.

संस्था का कहना है कि वह कंपनियों को ओर से दी जाने वाली सेवाओं, इन सेवाओं की लागत, कारोबार की भौगोलिक संभावनाओं और अन्य कारोबारियों के साथ संबंधों के बारे में भी ग्राहकों को गुमराह किए जाने से रोकना चाहती है.

दूर होंगी कमियां

इसका मतलब होगा कि ‘सबके लिए सस्ते लोन’ जैसे नामों को चुनौती दी जा सकती है. ‘कोई ब्याज नहीं’ या फिर ‘सबसे कम दाम’ जैसे शब्दों के इस्तेमाल पर भी ओएफटी की तिरछी नजर होगी.

ओएफटी ने पिछले साल 129 कंपनियों को अपने नाम और कारोबार के तौर तरीके बदलने की हिदायत दी थी.

व्यावसायों पर नजर रखने वाली एक संस्था कंज्यूमर फोकस के एडम स्कोरर कहते हैं, “यह उन कमियों को दूर करने की एक अच्छी कोशिश है जिनका सहारा लेकर खुराफाती कारोबारी जानबूझ कर ग्राहकों का गलत फायदा उठाते हैं.”

वो कहते हैं कि कारोबारी कंपनियों को 'हेल्पलाइन' या फिर इसी तरह के नामों का इस्तेमाल कर मुनाफा कमाने की इजाजत नहीं होनी चाहिए. यह एक अच्छा कदम है जिससे ग्राहकों को फायदा होगा.

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