कर नीति पर देरी से रुपया मजबूत

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Image caption मुद्रास्फिति दर भी केंद्रीय बैंक की तमात कोशिशों के बावजूद ऊंचाई पर बनी हुई है.

कर बचाव नीति पर फैसला टाले जाने से मुद्रा बाजार में रुपए में मजबूती दिख रही है. मंगलवार सुबह बाजार में रुपए की कीमत में लगभग डेढ़ फीसदी की बढ़ोत्तरी देखी गई.

नए कानून के तहत अधिकारियों को वित्तीय लेन-देन के उन मामलों की जांच करने का अधिकार होगा जिसमें दूसरे देशों से जरिए निवेश करके कर बचाने की कोशिश की गई हो.

हालांकि, कुछ आलोचकों का मानना है कि नए कानून के बहुत से महत्वपूर्ण अंग में स्पष्टता नहीं है जिसकी वजह से विदेशी निवेश को नुकसान पहुंच सकता है.

मंगलवार सुबह प्रति अमरीकी डॉलर के मुकाबले रुपए की कीमत 52.91 रही.

वित्तीय सलाहकार कंपनी ग्लोबल कैपिटल से जुड़े केके मित्तल ने कहा, ''विदेशी निवेशकों को नए कर कानून या जीएएआर से जो चिंता थी वो फिलहाल खत्म हो गई है. जल्द ही बाजार में विश्वास बढ़ेगा और विदेशी निवेश भी बढ़ेंगे.''

चिंता

हालांकि कुछ बाजार विश्लेशकों का कहना है कि रुपए में आई मजबूती स्थाई नहीं है, क्योंकि लोग भारत के विकास दर को भी लेकर चिंतित है.

चालू वर्ष के पहले तीन महीने में भारतीय अर्थव्यवस्था पिछले तीन साल के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई.

इस बीच मुद्रास्फिति दर भी केंद्रीय बैंक की तमात कोशिशों के बावजूद ऊंचाई पर बनी हुई है.

अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में हो रही उथल-पुथल से स्थिति और खराब हुई है, जिससे नीतिनिर्धारकों को उपभोक्ता उत्पादों के दाम नियंत्रित करने में परेशानी हो रही है.

विश्लेशकों का मानना है कि इन्ही समस्याओं के चलते रुपए पर दबाव बना रहेगा.

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