रुपया डॉलर के मुकाबले सबसे निचले स्तर पर

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Image caption डॉलर के मुकाबले रुपया 55 के मनोवैज्ञानिक स्तर के भी नीचे चला गया

रुपए का अवमूल्यन लगातार जारी है और सोमवार को वह अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुँच गया. डॉलर के मुक़ाबले रुपए की कीमत 55.04 रुपए तक चली गई.

मगर भारतीय मुद्रा के इस तरह कमजोर होने पर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं दिखी.

बैंकों के विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में पिछले हफ्ते रुपया 54 रुपए 42 पैसे पर बंद हुआ था मगर सोमवार को वो उससे भी नीचे 54 रुपए 45 पैसे पर खुला.

उसके बाद रुपया गिरता गया शाम होते-होते वो 55 रुपए का मनोवैज्ञानिक स्तर भी पार कर गया. इस तरह पिछली कीमत से उसमें 61 पैसे की या 1.12 प्रतिशत की गिरावट हुई.

विदेशी मुद्रा के डीलरों का कहना है कि हालाँकि रुपया लगातार तीसरे दिन रिकॉर्ड स्तर पर नीचे गया है आरबीआई ने इस बारे में कोई सक्रियता नहीं दिखाई है. वैसे डीलरों को उम्मीद है कि रिज़र्व बैंक मंगलवार को बाजार खुलने पर कुछ नीतिगत फैसले कर सकता है.

उम्मीद

विश्लेषकों को उम्मीद है कि ये कम समय की कमजोरी होगी और आगे चलकर आरबीआई इसमें हस्तक्षेप करेगा जिससे रुपया कुछ मजबूत होगा.

रुपए की गिरती कीमतों का असर मुंबई शेयर बाजार पर भी दिखा है जहाँ शेयर सूचकांक सेंसेक्स में हुई शुरुआती बढ़त शाम होते-होते काफी कम हो गई और बाजार सिर्फ 30.51 अंकों की बढ़त के साथ बंद हुआ.

इससे पहले केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी कह चुके हैं कि रुपए की ये गिरावट काफी चिंता का विषय है और केंद्र सरकार स्थिति से निबटने की कोशिश कर रही है.

उन्होंने कोलकाता में कहा था, "ये काफी चिंता का विषय है. हम स्थिति पर नजर रखे हैं. केंद्र सरकार चुपचाप नहीं बैठी है. हम मुद्दे का हल खोजने की कोशिश कर रहे हैं."

रुपए की कीमत लगातार गिरती जा रही है और डॉलर के मुकाबले मार्च से लेकर अब तक उसकी कीमत 11 प्रतिशत तक गिर चुकी है और इसकी वजह से आयात में सरकार को ज्यादा कीमत अदा करनी पड़ रही है.

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