ह्यूलैट-पैकर्ड से निकाले जाएंगे 27,000 कर्मचारी

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Image caption आई-पैड से मिल रही चुनौती से जूझ रहा ह्यूलैट-पैकर्ड अपना व्यापार सुधारने के लिए ये कदम उठा रहा है.

दुनिया की सबसे बड़ी कंप्यूटर निर्माता कंपनी ह्यूलैट-पैकर्ड साल 2014 के अंत तक 27,000 कर्मचारियों को निकालेगी.

ह्यूलैट-पैकर्ड का कहना है कि इस आठ फीसदी कटौती से कंपनी हर साल साढ़े तीन अरब डॉलर तक बचा लेगी.

एक बयान में ह्यूलैट-पैकर्ड ने कहा कि इस धन को वापस कंपनी में ही डाल दिया जाएगा.

प्रतिद्वंदी कंपनी एपल के आई-पैड से मिल रही चुनौती से जूझ रहा ह्यूलैट-पैकर्ड अपना व्यापार सुधारने के लिए ये कदम उठा रहा है.

कंपनी में लाए जा रहे बदलाव के तहत ऑटोनॉमी विभाग के प्रमुख माइक लिंच की जगह ह्यूलैट-पैकर्ड के मुख्य रणनीति अधिकारी बिल वेघटे को लाया जा रहा है.

ह्यूलैट-पैकर्ड या एचपी के इस ‘बदलाव के दौर’ के बाद लिंच कंपनी छोड़ देंगे.

माइक लिंच ने सॉफ्टवेयर कंपनी ऑटोनॉमी की खोज की थी और कुछ ही वर्षों में इसे ब्रिटेन की सबसे बड़ी तकनीकि कंपनी भी बनाई थी. पिछले साल ह्यूलैट-पैकर्ड ने इसे 10 अरब डॉलर में खरीद लिया था.

छटनी का असर

दुनियाभर में करीब साढ़े तीन लाख लोग एचपी में काम करते है जिसमें से करीब 20,000 ब्रिटेन में स्थापित है.

कंपनी के एक प्रवक्ता ने कहा कि ये बता पाना मुश्किल है कि एचपी की इस कटौती से किन देशों में सबसे ज्यादा असर पड़ेगा.

उन्होंने कहा, “छटनी किस जगह होगी इससे संबंधित कोई योजना हमने अभी जारी नहीं की है. हमारा अनुमान है कि छटनी का असर विभिन्न देशों में फैले कंपनी के हर अंग पर पड़ेगा.”

छटनी की इस खबर के बीच ह्यूलैट-पैकर्ड ने तिमाही के अपने नतीजे भी जारी किए जो विशेषज्ञों के अनुमान से बेहतर रहा.

मूल रूप से कैलिफॉर्निया स्थित ह्यूलैट-पैकर्ड का मुनाफा दूसरी तिमाही में 31 फीसदी गिरावट के साथ 1.6 अरब डॉलर तक पहुंच गया.

बुधवार को वॉल स्ट्रीट पर पांच फीसदी की गिरावट झेल चुके ह्यूलैट-पैकर्ड के शेयरों की कीमत में सुधार देखा गया.

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