अमरीका में रोजगार की हालत पतली, बाजार पस्त

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Image caption अमरीका में बेरोजगारी दर 8.2 प्रतिशत तक पहुंच गई है

अमरीका में रोजगार की उम्मीद से बद्तर स्थिति दर्शाने वाले आंकड़ों ने देश के शेयर बाजार को बुरी तरह झकझोर दिया है.

डाऊ जोंस में शुरूआती कारोबार में 165 अंकों की यानी 1.3 प्रतिशत गिरावट दर्ज की गई है. फ्रेंकफर्ट में डैक्स भी 2.9 प्रतिशत गिरा है और पेरिस के शेयर बाजार में 1.9 प्रतिशत की गिरावट आई है.

अमरीकी अर्थव्यवस्था में मई महीने में सिर्फ 69,000 लोगों को रोजगार मिला है जो पूर्वानुमान से बहुत कम है.

मई 2011 के बाद से रोजगार के अवसरों की ये सबसे कम संख्या है. अमरीका के श्रम विभाग का कहना है कि देश में अप्रैल महीने में बेरोजगारी की दर 8.1 प्रतिशत से बढ़कर 8.2 प्रतिशत हो गई है.

यूरोमुद्रा वाले देशों में भी रोजगार की कोई अच्छी हालत नहीं है जहां अप्रैल में बेरोजगारी दर 11 प्रतिशत रही.

हैरान करने वाले आंकड़े

आर्थिक मंदी आने के बाद से अमरीका में रोजगार के पचास लाख अवसर कम हुए हैं.

राष्ट्रपति पद के लिए रिपब्लिक पार्टी के उम्मीदवार मिट रोमनी का कहना है, ''आज आई रोजगार रिपोर्ट अमरीकी कामगारों और उनके परिवारों के लिए बड़ी भयानक खबर है.''

उन्होंने कहा कि ये रिपोर्ट इस बात का कड़ा संकेत है कि राष्ट्रपति किस तरह अर्थव्यवस्था को संभाल रहे हैं.

स्वास्थ्य, परिवहन और भंडारण क्षेत्रों को छोड़ दें तो निर्माण क्षेत्र में रोजगार के अवसर कम हुए हैं.

अमरीका में 27 हफ्तों से ज्यादा समय तक बेरोजगार रहने वालों की संख्या को दीर्घ-कालीन बेरोजगारी की श्रेणी में रखा जाता है.

अमरीका में ऐसे लोगों की संख्या मई में बढ़कर 54 लाख हो गई जबकि अप्रैल में इनकी संख्या 51 लाख थी.

न्यूजर्सी स्थित लिबर्टीव्यू कैपिटल मैनेजमेंट के अध्यक्ष रिक मेकलर का कहना है, ''ये हैरान करने वाले आंकड़े हैं. ये आंकड़े ऐसे समय आए हैं जब यूरोपीय संकट की वजह से बाजार बदहाल हैं. इस तरह के आंकड़े वैश्विक मंदी के बारे में चिंता बढ़ाते हैं.''

वैश्विक संकट

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Image caption चीन की विकास दर पहली बार आठ प्रतिशत से नीचे जाने की आशंका है

चीन की अर्थव्यवस्था में दर्ज गिरावट और यूरो मुद्रा वाले देशों की बिगड़ती वित्तीय सेहत का असर यूरोपीय एवं अमरीकी स्टॉक मार्केट पर भी पड़ा है.

बेरोजगारी के नये आंकड़े बताते हैं कि यूरोमुद्रा वाले देशों में भी रोजगार की कोई अच्छी हालत नहीं है जहां अप्रैल में बेरोजगारी दर 11 प्रतिशत रही. वर्ष 1995 से ये अब तक की सबसे ऊंची दर है.

वहीं दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था चीन में भी मई में पहले से ज्यादा गिरावट दर्ज की गई है. देश के कारखानों से उत्पादन कम हुआ है जिससे घरेलू और विदेशों में आपूर्ति पर असर पड़ा है.

पड़ोसी मुल्क दक्षिण कोरिया के भी हालात अच्छे नहीं हैं. आंकड़े बताते हैं कि दक्षिण कोरिया से होने वाले निर्यात में भी गिरावट आई है.

यूरो मुद्रा में बीते 23 महीनों की सबसे ज्यादा गिरावट देखी गई है. जापान के शेयर भी लगातार नौवें हफ्ते लुढ़क रहे हैं. जापान में बीते 20 साल में ऐसा नहीं हुआ.

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