कोका-कोला की 60 साल बाद बर्मा वापसी

इमेज कॉपीरइट AFP
Image caption कोका-कोला साठ साल के बाद फिर से बर्मा जाने की तैयारी में है

कोला-कोला की 60 साल बाद बर्मा में वापसी होने जा रही है.बर्मा के खिलाफ अमरीकी प्रतिबंधों के बाद कोला-कोला ने वहाँ से अपना व्यापार समेट लिया था.

अमरीकी अधिकारियों के अनुसार बर्मा में लोकतांत्रिक प्रक्रिया शुरू होने के बाद पूंजी निवेश से जुड़ा प्रतिबंध हटा लिया गया है.

उधर कोका-कोला ने कहा है कि जैसे ही अमरीकी सरकार उसे बर्मा में काम करने का लाइसेंस देगी वो उसी समय वहाँ अपना कारोबार शुरु कर देगा.

तीसरा देश

बर्मा दुनिया के उन तीन देशों में एक है जहां कोला-कोला कारोबार नहीं करता है.

सॉफ्ट ड्रिंक्स बनाने वाली दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी कोका-कोला ने क्यूबा में क्रांति होने के बाद देश छोड़ दिया था क्योंकि वहां फिदेल कास्त्रो के नेतृत्व में बनी सरकार ने निजी संपत्ति को जब्त करना शुरू कर दिया था. जबकि कोका-कोला ने कभी भी उत्तर कोरिया जाने की कोशिश नहीं की.

कोका-कोला ने एक बयान में कहा है कि कंपनी बर्मा में काम स्थापित करने के दौरान शुरुआत में पड़ोसी देशों से उत्पाद आयात करेगी.

दमन की निंदा

बर्मा में सैनिक तानाशाहों ने 1962 से 2011 तक शासन किया जिस दौरान वहाँ सभी तरह के विरोधी स्वर दबाए जा रहे थे मगर अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों और आलोचनाओं को देखते हुए उसने अब लचीला रुख अपनाया है.

अमरीका और यूरोपीय संघ के नेताओं ने उसके बाद कई दशकों में पहली बार बर्मा का दौरा किया था और लोकतांत्रिक प्रक्रिया शुरु करने के एवज में उसके उपर लागू कुछ प्रतिबंधों को हटाने की बात कही थी.

कोका-कोला ने यह घोषणा शुक्रवार को की है जब बर्मा के उत्तर-पश्चिम में स्थित राखीन प्रांत में बौद्ध और मुसलमानों के बीच हिंसक झड़पों में हजारों लोग विस्थापित हो गए हैं.

संबंधित समाचार