यूरो संकट का भारत पर असर: मनमोहन सिंह

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Image caption मनमोहन सिंह को उम्मीद है कि वित्तीय संकट के समाधान के लिए यूरोप के नेता जरूरी कदम उठाएंगे

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने यूरोज़ोन संकट पर चिंता जताते हुए कहा है कि इससे वैश्विक बाजारो में संकट और गहराएगा जिसका असर भारत के आर्थिक विकास पर भी पड़ेगा.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, मनमोहन सिंह ने कहा है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था को दोबारा पटरी पर लाना तात्कालिक चिंता का विषय है जिस पर दुनिया के नेताओं को ध्यान देना चाहिए.

उन्होंने जी-20 और रियो सम्मेलन के लिए मैक्सिको तथा ब्राजील के आठ दिवसीय दौरे पर रवाना होने से पहले ये बात कही.

उन्होंने कहा कि यूरोप की हालत चिंता का विषय है क्योंकि विश्व अर्थव्यवस्था में इसका बड़ा हिस्सा है, साथ ही ये भारत का मुख्य कारोबारी और निवेश साझेदार है.

मनमोहन सिंह ने कहा, ''वहां जारी समस्या वैश्विक बाजारों के साथ ही हमारी अपनी अर्थव्यवस्था पर भी बुरा असर डालेगी. हम आशा करते हैं कि यूरोप के नेता वित्तीय संकट के समाधान के लिए समुचित कदम उठाएंगे.''

प्रणब का भरोसा

प्रधानमंत्री की चिंता के बीच वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने भारत की अर्थव्यवस्था में भरोसा जताया है. उन्होंने कहा है कि भारत गंभीर चुनौतियों का सामना करने में सक्षम है.

दुनियाभर की अर्थव्यवस्थाएं भले ही संकट से जूझ रही हैं, पर प्रणब मुखर्जी की राय में भारत अब भी तेजी से उभरती अर्थव्यवस्था है.

खाने-पीने की चीजों के बढ़ते दामों पर चिंता जताते हुए उन्होंने ये भी कहा कि अर्थव्यवस्था पर महंगाई का असर बरकरार रहेगा.

उन्होंने ये भी कहा कि आर्थिक चिंताओं को ध्यान में रखते हुए भारतीय रिजर्व बैंक अपनी मौद्रिक नीति में बदलाव करेगा.

वित्त मंत्री ने ये भी कहा कि मौद्रिक नीति को कड़ा करना महंगाई से निपटने का उपाय नहीं है.

उन्होंने कहा, ''रुपये में गिरावट का संबंध यूरो संकट से है. मुझे भी चिंता है कि ग्रीस, यूरो मुद्रा वाले देशों के समूह में रहेगा या नहीं.''

चिंता का विषय

भारत की औद्योगिक विकास की दर (आईआईपी) अप्रैल में 0.1 प्रतिशत रही है.

भारत की वार्षिक विकास दर जनवरी - मार्च तिमाही में नौ साल के सबसे निचले स्तर पर आ गई है.

अंतरराष्ट्रीय क्रेडिट रेटिंग एजेंसी स्टैंडर्ड एंड पूअर्स ने चेतावनी दी है कि यदि भारत आर्थिक सुधार नहीं करता और अपनी आर्थिक विकास दर बेहतर नहीं करता तो वह पूँजी निवेश से संबंधी इनवेस्टमेंट ग्रेड रेटिंग को गंवा सकता है.

ग्रीस और ऑयरलैंड को वित्तीय मदद पहुंचाने में सहायता करने वाली यूरोजोन की चौथी बड़ी अर्थव्यवस्था स्पेन के बैंक स्वंय आर्थिक संकट के चक्र में फंसते दिख रहे हैं.

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष यानी आईएमएफ का कहना है कि उन्हें मुश्किल हालात से उबारने के लिए लगभग 50 अरब डॉलर की अतिरिक्त राशि की जरूरत होगी.

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