सरकार विकास में बाधा डाल रही है: मित्तल

लक्ष्मी निवास मित्तल
Image caption मित्तल का बयान ऐसे वक्त आया है जब दो रेटिंग एजेंसियों ने भारत की रेटिंग को नीचे किया है

भारतीय उद्योगपतियों एनआर नारायणमूर्ति और अजीम प्रेमजी की ही तरह ब्रिटेन में रहने वाले अनिवासी भारतीय लक्ष्मी एन मित्तल ने भी भारत सरकार की आलोचना की है.

उन्होंने कहा कि भारत में औद्योगीकरण नहीं होने के कारण लाखों लोग गरीबी में रहने को मजबूर हैं.

दुनिया की सबसे बड़ी स्टील बनाने वाली कंपनी आर्सेलर मित्तल प्रमुख लक्ष्मी मित्तल ने कहा, “औद्योगीकरण हर बड़ी अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है. और विकास में बाधा उत्पन्न करके भारत करोड़ों लोगों को गरीबी में रहने पर मजबूर कर रहा है.”

विश्व स्टील डायनमिक्स कांफ्रेंस में उन्होंने कहा, “भारत सरकार को विदेशी निवेशकों के लिए रास्ता आसान बनाने पर ध्यान देना चाहिए. भारत में जमीन अधिग्रहण और कच्चे माल को लेकर मुश्किलें हैं. सरकार को इनसे निपटने के लिए तेजी से कदम उठाने चाहिए.”

इंतजार

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक आर्सेलर मित्तल पिछले छह सालों से 30 अरब डॉलर के अपने निवेश को पूरा कर पाने का इंतजार कर रहा है. ओडिशा और झारखंड में लागू होने वाली परियोजनाओं को जमीन अधिग्रहण के अलावा कई दूसरे मुद्दों का सामना करना पड़ रहा है.

मित्तल का बयान ऐसे वक्त आया है जब स्टैंडर्ड और पूअर्स ने भारत की रेटिंग को नीचे किया है.

इससे पहले विप्रो प्रमुख अजीम प्रेमजी ने निवेश विश्लेषकों से कहा था कि सरकार नेतृत्वविहीन है. इन्फोसिस के सह-संस्थापक नारायणमूर्ति भी कह चुके हैं कि भारत में स्थिति खराब है.

मित्तल ने उम्मीद जताई कि सरकार दोबारा अपना ध्यान अर्थव्यवस्था पर लगाएगी ताकि विकास दर में तेजी आए.

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