गिरते रुपए को थामने की कवायद

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भारत में रुपए के गिरते मूल्य के बीच सरकार सोमवार को कुछ अहम कदमों की घोषणा करने वाली है.

वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी रविवार को ही कह चुके हैं कि ऐसे कदम उठाए जाएँगे जिससे बाजार की स्थिति में सुधार आए.

पिछले करीब एक महीने से डॉलर की कीमत रुपए के मुकाबले काफी कमजोर हुई है. वित्त मंत्री ने रुपए की स्थिति और मुद्रा स्फिति पर चिंता जताई है पर साथ ही कहा है कि वे मायूस नहीं है.

वहीं प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने जी 20 सम्मेलन से लौटने के बाद पत्रकारों से कहा है कि भारत को अपनी आर्थिक समस्याओं के हल खुद ही ढूँढने होंगे. हालांकि उनका कहना है कि यूरोजोन के संकट से वैश्विक बाजारो में संकट और गहराएगा जिसका असर भारत के आर्थिक विकास पर भी पड़ेगा.

गिरती रेटिंग

अभी कुछ दिन पहले ही अंतराष्ट्रीय क्रेडिट रेटिंग संस्था फिच ने भारत की क्रेडिट रेटिंग आउटलुक में कटौती करते हुए इसे ‘स्थिर’ से ‘नकारात्मक’ कर दिया था.

इससे पहले स्टैंडर्ड एंड पूअर्स ने भी नीतिगत फैसलों में सुधार की आवश्यकता पर जोर देते हुए भारत के लिए अपनी क्रेडिट रेटिंग में कटौती की थी.

फिच का अनुमान है कि भारतीय अर्थव्यवस्था इस वित्त वर्ष में 6.5 फीसदी की दर से बढ़ेगी जो पिछले अनुमान 7.5 फीसदी से कम है.

भारतीय औद्योगिक जगत की कई हस्तियाँ देश की आर्थिक स्थिति पर चिंता जता चुकी हैं. एनआर नारायण मूर्ति और अजीम प्रेमजी ने आर्थिक बदहाली के लिए कुछ दिन पहले यूपीए सरकार की कड़ी आलोचना की थी और कहा है कि इससे देश की छवि को धक्का पहुंचा है.

इस बीच एक दो दिन में प्रणब मुखर्जी के अपने पद से भी इस्तीफा देने की संभावना है क्योंकि वे राष्ट्रपति पद के लिए यूपीए के उम्मीदवार हैं.

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