साइप्रस को वित्तीय मदद की जरूरत

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यूरोपीय देश साइप्रस का कहना है कि उसे अपने आर्थिक संकट से उबरने के लिए वित्तीय मदद की जरूरत है.

साइप्रस यूरो मुद्रा वाले देशों के समूह यूरोजोन का ऐसा पांचवा देश है जिसे अपनी खस्ताहाल अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए वित्तीय मदद की जरूरत है.

इससे पहले आयरिश रिपब्लिक, पुर्तगाल, ग्रीस और स्पेन आर्थिक मदद की गुहार लगा चुके हैं.

साइप्रस का कहना है कि ग्रीस के आर्थिक संकट का उसके बैंकों पर बहुत बुरा असर पड़ा है और इन बैंकों को बचाने के लिए उसे वित्तीय मदद की जरूरत है.

यूरो मुद्रा पर चिंता

साइप्रस ने ये घोषणा ऐसे समय की है जब एकल मुद्रा यूरो को लेकर चिंताए बढ़ रही है.

मामले पर यूरोपीय यूनियन की इस हफ्ते फिर बैठक होने वाली है. लेकिन आशका जताई जा रही है कि इस बैठक से कोई नतीजा नहीं निकलेगा.

इस वजह से इटली, स्पेन और ग्रीस में शेयर तेज़ी से गिरे हैं.

स्पेन के प्रधानमंत्री ने कहा है कि यूरोपीय यूनियन की इस बैठक में यूरो के भविष्य पर आशंकाओं को दूर किया जाना चाहिए.

इटली और स्पेन दोनों ही देशों के सूचकांक लगभग चार प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुए हैं.

स्पेन के आईबेक्स सूचकांक में गिरावट, रॉयटर्स की उस रिपोर्ट के बाद तेजी से बढ़ी, जिसमें कहा गया है कि क्रेडिट रेटिंग एजेंसी मूडीज, स्पेन के बैंकों की रेटिंग कम करने पर विचार कर रही है.

इससे पहले स्पेन अपने बैंकिग सेक्टर के लिए लगभग सौ अरब यूरो के कर्ज के लिए औपचारिक तौर पर आग्रह कर चुका है.

मदद की आपात जरूरत

साइप्रस को अपने दूसरे बड़े कर्जदाता साइप्रस पॉपुलर बैंक में दोबारा पूंजी लगाने के लिए अगले कुछ दिनों में लगभग 1.8 अरब यूरो की जरूरत है.

एक संक्षिप्त बयान में सरकार ने कहा कि ग्रीस की अर्थव्यवस्था की बदहाली के असर से अपने वित्तीय सेक्टर को बचाने के लिए उसे मदद की सख्त जरूरत है.

सरकार के एक प्रवक्ता का कहना है कि साइप्रस के लिए मदद की राशि कितनी होगी, इस पर आने वाले दिनों में बातचीत होगी.

प्रवक्ता का कहना है कि इस आग्रह के बाद भी साइप्रस की सरकार यूरोपीय यूनियन से बाहर के देशों, जैसे रूस या चीन से संभावित मदद के लिए बातचीत जारी रखेगी.

साइप्रस, रूस से पहले ही 2.5 अरब यूरो उधार ले चुका है.

बीबीसी के मुख्य आर्थिक संवाददाता हग पिम साइप्रस की समस्या को छूत की बीमारी की तरह बताते हैं.

साइप्रस के बैंकों ने ग्रीस सरकार के बॉन्ड्स में बड़ी रकम लगाई थी, उसका ज्यादातर हिस्सा डूब चुका है.

बैठक को लेकर आशंकाएं

क्रेडिट रेटिंग एजेंसी फिच का कहना है कि दस लाख की आबादी वाले देश साइप्रस को अपने बैंकों की मदद के लिए चार अरब यूरो की जरूरत होगी जो इसकी बीते साल सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी का एक चौथाई हिस्सा है.

आशंकाएं जताई जा रही हैं कि इस हफ्ते होने वाली यूरोपीय यूनियन की दो-दिवसीय बैठक से कोई नतीजा नहीं निकलेगा.

स्पेन के प्रधानमंत्री मेरियानो रेजॉय का कहना है, ''यूरोजोन को लेकर हमें अपनी आशंकाओं को दूर करना चाहिए. एकल मुद्रा को पलटा नहीं जाना चाहिए.''

संकट समाधान की दिशा में यूरोपीय देशों के बीच मतभेदों का एक और संकेत देते हुए जर्मन चांसलर एंगेला मर्केल ने यूरोमुद्रा वाले देशों को कर्ज देने के लिए एक 'पूल' बनाने के लिए अपना विरोध दोहराया है.

उनका कहना है, ''गारंटी और नियंत्रण के बीच में संतुलन होना चाहिए.''

यूरोपीय यूनियन के नेताओं की 28 और 29 जून को होने वाली बैठक में यूरोप के बैंकों की समस्या एजेंडे में शीर्ष पर होगी.

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