महंगाई घटी पर खाद्य सामग्री महंगी

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Image caption खब्जियों के दाम भी पिछले दिनों तेजी से बढ़े हैं

विनिर्मित सामग्रियों की कीमतों में कमी की वजह से जून के महीने में महंगाई की दर घट कर 7.25 प्रतिशत तक जा पहुँची है लेकिन खाद्य पदार्थों की कीमतों को लेकर चिंता जारी है.

विशेषज्ञ कह रहे हैं कि इसकी वजह से रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया को इस महीने के अंत में जारी होने वाली मौद्रिक नीति में ब्याज दर में कटौती करनी पड़ सकती है.

महंगाई को थोक मूल्य सूचकांक (डब्लूपीआई) के आधार पर मापा जाता है. इसके आधार पर मई के महीने में महंगाई की दर 7.55 प्रतिशत थी जबकि पिछले वर्ष जून में महंगाई की दर 9.51 प्रतिशत थी.

वैसे सिर्फ़ खाद्य पदार्थों की महंगाई की बात करें तो ये मई में 10.74 प्रतिशत से बढ़कर जून में 10.81 प्रतिशत हो गई.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार पिछले वर्ष जून में खाद्य पदार्थों की महंगाई की दर 7.6 प्रतिशत थी.

थोक मूल्य सूचकांक में खाद्य पदार्थों का हिस्सा 14 प्रतिशत होता है.

महंगाई की ये दर बजट में वित्तमंत्री की ओर से तय किए लक्ष्य से अधिक ही दिखती है. बजट पेश करते हुए तत्कालीन वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी ने कहा था कि वे महंगाई की दर को कुछ महीनों के भीतर सात प्रतिशत से नीचे ले आएँगे.

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