'लॉकआउट' से सप्लाई पर असर नहीं-मारूति

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Image caption शनिवार को मारूति के मजदूरों ने कंपनी और हरियाणा सरकार के खिलाफ दिल्ली में प्रदर्शन किया

मारूति सुज़ुकी प्रबंधन ने कहा है कि कंपनी के मानेसर प्लांट के बंद होने के बाद भी वहाँ से देश भर में कारें भेजी जाती रहेंगी.

समाचार एजेंसी पीटीआई ने कंपनी एक अधिकारी के हवाले से गाड़ियों की आपूर्ति जारी रहने की जानकारी दी है.

मारूति सुज़ुकी इंडिया के मुख्य ऑपरेटिंग अधिकारी (उत्पादन) एम एम सिंह ने बताय,”आपूर्ति का काम प्रभावित नहीं होगा और मानेसर से गाड़ियाँ भेजना जारी रहेगा“.

उन्होंने बताया कि अभी मानेसर प्लांट में 26,000 गाड़ियाँ हैं जिन्हें भेजा जाना है.

एक दिन पहले कंपनी ने मानेसर प्लांट को अनिश्चितकाल के लिए बंद करने की घोषणा की थी.

कंपनी के अध्यक्ष आर सी भार्गव ने कल दिल्ली में पत्रकारों से कहा कि कंपनी के लिए सबसे अहम मैनेजरों और कर्मचारियों की सुरक्षा है.

आर सी भार्गव ने कहा, ''हम उत्पादन आरंभ करने की स्थिति में नहीं हैं. हम अपने लोगों को और खतरे में नहीं डाल सकते.''

बुधवार को हुई हिंसा में मारुति के मानेसर स्थित प्लांट में आगजनी और तोड़फोड़ हुई थी, जिसके बाद वहां से एक जली हुई लाश भी बरामद हुई. बाद में इसकी पहचान मारुति के एचआर मैनेजर के रूप में हुई थी.

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Image caption मानेसर प्लांट के परिसर में हुई तोड़फोड़ और आगजनी के आरोप में 88 कर्मचारियों को गिरफ्तार कर लिया गया है.

मारुति के चेयरमैन ने मजदूरों पर अत्याचार के आरोपों को खारिज करते हुए कहा, ''झड़पों में कंपनी के 90 अधिकारियों को चोटें आई हैं, जबकि कोई मजदूर घायल नहीं हुआ है. इसका निष्कर्ष मैं आप पर छोड़ता हूं.''

पूछे जाने पर कि उत्पादन कितने दिनों के लिए बंद किया जा रहा है उन्होंने कहा कि लॉक-आउट का कोई समय निर्धारित नहीं किया जाता.

भार्गव ने आगे कहा, ''हम जानना चाहते हैं कि यह हिंसा क्यों हुई. जब तक हम यह नहीं जानेंगे तब तक हम यहां सुधार नहीं ला पाएंगे.''

एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि कंपनी के लिए नुकसान से अधिक अपने कर्मचारियों की जिंदगी है.

उन्होंने कहा कि ऐसी खबरे गलत हैं कि प्लांट कहीं और ले जाया जा रहा है.

भार्गव ने कहा कि इस हादसे उन्हें बहुत हैरानी हुई क्योंकि कर्मचारी यूनियन और प्रबंधन के बीच बैठक में सारी बात हो चुकी थी और एक समझौता भी हो गया था.

उधर मजदूरों का आरोप है कि उस दिन पहले तो अधिकारी उनकी बात सुनने को तैयार नहीं थे.

फिर जब वार्ता चल रही थी तो प्रबंधन ने बाउंसरों को दफ्तर में बुलाया और उनपर हमला कर दिया.

एक बयान में यूनियन के अध्यक्ष राम मेहर ने कहा कि इन्हीं बाउंसरों ने कंपनी की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया था.

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