'शिंजियाँ हमलों' के पीछे इस्लामी चरमपंथी

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इंटरनेट पर निगरानी रखने वाली एक अमरीकी संस्था के मुताबिक़ एक इस्लामी चरमपंथी गुट ने एक वीडियो जारी कर कहा है कि चीन के शिंजियाँ प्रांत में हुए हमले में उनका हाथ था.

अपने को तुर्किस्तान इस्लामिक पार्टी नामक गुट बताते हुए इस समूह ने ये वीडियो तैयार किया है.

चीन के शिंजियाँ प्रांत में हुए कई चरमपंथी हमलों में दर्जनों की मौत हुई थी और कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे.

शिंजियाँ प्रांत में चीन के अधिकार का विरोध कर रहे इस गुट का कहना है कि ये हमले चीन की सरकार से बदला लेने के उद्देश्य से किए गए थे.

इसी साल जुलाई महीने में होतन और काश्गर इलाकों में हुए हमलों में कम से कम 30 लोगों की मौत हुई थी.

शिंजियाँ के आधे से ज़्यादा निवासी वीगर हैं जो तुर्की भाषा बोलने वाले मुसलमान हैं और मध्य एशिया की संस्कृति से जुड़े़ हुए हैं.

इनमे से ज़्यादातर की शिकायत है कि पूर्वी चीन से आकर बसने वाले हान चीनियों ने इनके इलाके में आकर इनकी नौकरियां छीन ली है और बेरोज़गारी बढ़ गई है.

चीन सरकार ने शिंजियाँ इलाके में काफ़ी निवेश किया है और इस क्षेत्र में पाए जाने वाले तेल और खनिज के भंडार चीन की बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था के लिए बेहद अहम हैं.

बस धमाके

कट्टरपंथी मुसलमानों पर नज़र रखने वाली अमरीका की इंटरनेट सुरक्षा संस्था एसआईटीई ने ये सनसनीखेज़ वीडियो जारी किया है.

इस वीडियो में तुर्किस्तान इस्लामिक पार्टी के नेता अब्दुल शकूर दमला को जुलाई में हुए इन हमलों की ज़िम्मेदारी लेते हुए देखा जा सकता है.

जुलाई के मध्य में होतन में स्थित एक पुलिस थाने पर हुए चरमपंथी बम हमले में 15 लोगों की मौत हो गई थी.

साल 2008 में भी तुर्किस्तान इस्लामिक पार्टी ने एक वीडियो जारी कर के शिंजियाँ और युन्नान में हुए बस हमलों की ज़िम्मेदारी स्वीकार की थी.

इस बीच पिछले महीने शिंजियाँ में चीन सरकार के आला अधिकारी कह चुके हैं कि चरमपंथ और धार्मिक कट्टरवादिता से सख्ती़ से निपटा जाएगा.

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