तिब्बत पर चीन की अमरीका को चेतावनी

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Image caption किर्ती मठ में इससे पहले भी चीन के विरोध में प्रदर्शन हो चुके हैं

चीन ने अमरीका को चेतावनी दी है कि वो उसके आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करे.

दरअसल अमरीकी विदेश विभाग ने चीन से अपील की थी कि वह तिब्बत के अधिकारों का सम्मान करे.

अमरीका ने ये अपील तब की जब दो तिब्बती बौद्ध भिक्षुओं ने धार्मिक आज़ादी नहीं मिलने के विरोधस्वरूप आत्मदाह कर लिया था.

ये घटना सिचुआन प्रांत के किर्ती मठ में हुई थी. चीनी शासन के विरुद्ध वहाँ पिछले दिनों में कई विरोध-प्रदर्शन हुए हैं.

अमरीका ने कहा था कि वह इस तरह के विरोध प्रदर्शनों पर काफ़ी चिंतित है.

साथ ही उसने अमरीका से अपील की थी कि चीन को तिब्बती संस्कृति, भाषा और धार्मिक पहचान की रक्षा करनी चाहिए.

इसके जवाब में चीन ने कहा कि वह अल्पसंख्यकों के वैधानिक अधिकारों और हितों की रक्षा सुनिश्चित करता है.

अमरीका का कहना है कि चीन की कुछ नीतियों ने तिब्बती क्षेत्रों में तनाव बढ़ाया है.

अमरीका ने पत्रकारों और कूटनीतिज्ञों से अपील की है कि वे तिब्बती क्षेत्रों का दौरा करें और इस तरह की घटनाओं की ख़ुद जाँच करें.

किर्ती मठ की घटना में दोनों भिक्षु जल गए थे मगर उनकी जान बच गई.

मगर इस तरह की घटना घटी उसी से ये पता चलता है कि कई तिब्बतियों और चीनी अधिकारियों के बीच तनाव बरक़रार है.

अमरीका का कहना है कि तिब्बतियों की दबे-छिपे रूप में मुश्किलें हैं मगर चीन इस तरह के किसी भी आरोप से इनकार करता है.

चीन का कहना है कि तिब्बतियों के निर्वासित धर्म गुरु दलाई लामा इस तनाव की वजह हैं.

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