चीन: पश्चिमी देशों को निर्यात में मुश्किलें

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Image caption चीन की वाणिज्य मंत्रालय का कहना है कि चीन पश्चिमी देशों से आयात बढ़ाने की भी कोशिश करेगा

चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि पश्चिमी देशों के बाज़ारों में मची उथल पुथल से उसके निर्यातों पर भी असर पड़ सकता है.

मंत्रालय के अनुसार शनिवार को जारी होने वाले आंकड़ों में नवंबर में निर्यात की विकास दर में भारी गिरावट देखी जाएगी.

चीन की ओर से यूरोपीय संघ को होने वाले निर्यात में अक्तूबर में नौ फ़ीसदी की गिरावट आई है, वहीं अमरीका को होने वाले निर्यात में पाँच फ़ीसदी की गिरावट आई.

चीनी वाणिज्य मंत्रालय का कहना है कि चीन पश्चिमी देशों से आयात बढ़ाने की कोशिश करेगा, ताकि उन देशों की अर्थव्यवस्था को भी फ़ायदा पहुँचे.

सुधार की संभावना कम

चीन का 40 फ़ीसदी निर्यात यूरोप और अमरीका में केन्द्रित है, माना जा रहा है कि वहाँ बिक्री में अगले साल तक भी कोई खास सुधार नहीं होने वाला है.

मंत्रालय के अनुसार चीन अब एशिया और लातिन अमरीका के बाज़ारों को ध्यान में रखकर निर्यात करेगा.

हालाँकि लातिन अमरीका के साथ हुए अच्छे कारोबार के चलते चीन के कुल निर्यात में 15.9 फ़ीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है.

इसके बावजूद विकास दर पिछले दो सालों में सबसे कमज़ोर स्तर पर है.चीन में आयात में भी गिरावट देखी गई है.

वाणिज्य मंत्रालय का कहना है कि चीन में वेतन बढ़ाए जाने के कारण कारोबार की प्रतिस्पर्धा में उसे चोट पहुँची है.

चुनौती

चीन के विदेशी व्यापार निदेशक वांग शौवेन ने कहा है कि निर्यात और निर्यात में चीन को कड़ी चुनौतियों से सामना करना पड़ेगा.

उन्होंने कहा है कि कुछ विकासशील देशों की अर्थव्यवस्था अच्छा प्रदर्शन कर रही है और कारोबार के लिए इन्हीं देशों पर ध्यान दिया जाएगा.

हालाँकि हाल ही में जारी किए गए आँकड़े बताते हैं कि लातिन अमरीका के सबसे बड़े देश ब्राज़ील की अर्थव्यवस्था थम सी गई है.

इधर भारत में भी अभी लहर अर्थव्यवस्था को विदेशी प्रतिदंद्वियों के लिए खोले जाने के ख़िलाफ़ ही नज़र आ रही है.

भारत सरकार को राजनीतिक विरोध के बाद खुदरा बाज़ार में एफ़डीआई को अनुमति देने के फ़ैसले पर फ़िलहाल रोक लगानी पड़ी है.

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