माइक्रोबलॉग साइटः चीन ने कड़े किए नियम

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Image caption वेबो इस्तेमाल करने वालों को अब अपना सही नाम देना होगा. चीन में वेबो वैसे ही है जैसे टविटर बाकी जगहों पर है.

चीन में अधिकारियों ने माइक्रोब्लॉग साइटों को इस्तेमाल करने के लिए नए नियम जारी किए हैं. इन साइटों का इस्तेमाल करने वालों को अब अपने बारे में जानकारी दर्ज करानी होगी.

वेबॉ इस्तेमाल करने वालों को अब अपना सही नाम देना होगा. चीन में वेबॉ वैसे ही है जैसे ट्विटर बाक़ी जगहों पर है.

पहले से इन साइटों को इस्तेमाल कर रहे लोगों को तीन महीनों के अंदर अपने बारे में पूरी जानकारी दर्ज करानी होगी. ऐसा न करने वाले इन्हें इस्तेमाल करने का अधिकार खो देंगे.

यह क़दम ऐसे में उठाया गया है जब चीन में वेबॉ का इस्तेमाल लोग सरकार की नीतियों की आलोचना करने में या कुछ हादसों पर अपना ग़ुस्सा निकालने में कर रहें हैं.

भारत में मचा था शोर

ग़ौरतलब है कि कुछ दिन पहले भारत में भी इंटरनेट को नियंत्रित करने के बारे में काफ़ी चर्चा हुई थी जब दूरसंचार मंत्री कपिल सिब्बल ने इंटरनेट कंपनियों पर दोहरे मापदंड रखने का आरोप लगाया था.

कपिल सिब्बल ने बाद में यह कहा था कि भारत केवल ये चाहता है कि इंटरनेट पर कंपनियां केवल उस चीज़ को ही रोक लें जो उनके अपने क़ानून के हिसाब से अवैध है.

चीन में वेबॉ की कुछ प्रविष्टियों को सेंसर किया जाता है जैसे कि दक्षिण चीन के वुकन गाँव में अशांति से संबंध रखने वाली प्रविष्टियों के साथ किया जाता है.

लेकिन चीनी अधिकारियों ने नेट इस्तेमाल करने वालों पर वेबॉ पर अफ़वाहें फैलाने का आरोप लगाया है और काफ़ी देर से सही नाम देने वाली व्यवस्था पर विचार कर रहे थे.

16-सूत्री नियम

सरकारी संस्था चाइनीज़ अकादमी ऑफ़ सोशल साइंसिंज़ में मीडिया शोधकर्ता लिउ रुइशेंग कहते हैं कि वेबॉ का अनुचित इस्तेमाल व्यापक सच्चाई है.

लिउ ने चाईना यूथ डेली को बताया, ''वेबॉ साइटों पर सही नाम अभी हर जगह नहीं दिया जाता. बेनाम और गैरज़िम्मेदार संचार अफ़वाहों को हवा देने का काम कर रहा है.

तुरंत लागू किए जाने वाले नए नियमों को बीजिंग के सूचना, संचार और पुलिस अधिकारियों ने संयुक्त तौर पर जारी किया है.

राजधानी में दर्ज होने वाले वेबसाइटों को इन 16-सूत्री नियमों का पालन करना होगा और अपने वेबॉ इस्तेमाल करने वालों को अपनी निजी जानकारी दर्ज करानी होगी.

शुक्रवार की घोषणा से पहले ही कुछ साइटों ने इन्हें इस्तेमाल करने वालों से पासवर्ड वापिस पाने के लिए अपने पहचान पत्र या पासपोर्ट नंबर देने के लिए कहा था. लेकिन यह सभी के लिए ज़रूरी नहीं था.

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