‘गिरफ़्तारियों’ पर संयुक्त राष्ट्र ने चीन को आड़े हाथों लिया

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Image caption चेन शी को दस साल क़ारावास की सज़ा सुनाई गई है.

संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार विभाग ने चीन में एक के बाद एक लोकतंत्र की पैरवी करने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं और राजनीतिक सुधारों की बाद करने वालों को जेल भेजने को ‘दुर्भाग्यपूर्ण प्रचलन’ बताया है.

पिछले दिनों चीन में चेन शी और चेन वेई सहित कई नामी लेखकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को सात साल और दस साल तक की जेल की सज़ा सुनाई गई है.

बीबीसी संवाददाता जोनाथन जोसेफ़्स के मुताबिक चीन के प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्ता चेन शी को इंटरनेट पर राजनीतिक सुधार संबंधी लेख जारी करने के जुर्म में 10 साल की सज़ा सुनाई गई है.

अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सवाल

बीबीसी को दिए गए एक बयान में संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार विभाग ने कहा है कि ये घटना जीन में लगातार बढ़ता हुआ ‘दुर्भाग्यपूर्ण प्रचलन’ है जो चीन में खत्म होती अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सवाल खड़े करता है.

इससे पहले चीनी लेखक चेन वेई और मानवाधिकारों के लिए लड़ने वाले वकील गाओ ज़िशेंग को भी नौ साल से ज़्यादा के लिए जेल भेजा जा चुका है.

संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक चीन में संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार विभाग के उच्चायुक्त नवि पिल्लई ने कई बार सरकार के सामने इन मुद्दों को लेकर आवाज़ उठाई है. हालांकि चीनी सरकार का कहना है कि सभी मामलो में न्यायपालिका कानून के दायरे में रहकर नियमों के तहत फैसले कर रही है.

इस बीच चीन में काम कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता और लेखक लगातार अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिए संघर्ष कर रहे हैं.

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