लेकिन चीन में नहीं छपा गिलानी का बयान

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Image caption प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने सोमवार को चीन के ‘पीपुल्स डेली ऑनलाइन’ को साक्षात्कार दिया था.

पाकिस्तान की राजनीति में भूकंप लाए पाकिस्तानी प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी के बयान को अभी तक चीन के अख़बार ने छापा ही नहीं है.

चीन के अख़बार, ‘पीपुल्स डेली ऑनलाइन’, को दिए एक साक्षात्कार में प्रधानमंत्री गिलानी ने कहा था कि सेना अध्यक्ष अशफ़ाक परवेज़ क़यानी और आईएसआई प्रमुख शुजा पाशा ने ‘मेमोगेट’ मामले में सरकार की अनुमति के बग़ैर सर्वोच्च न्यायालय में अपने जवाब दिए, जो की ‘ग़ैर-कानूनी’ व ‘असंवैधानिक’ है.

मेमोगेट विवाद की जांच एक न्यायिक समिति कर रही है. ये मेमो कथित तौर पर पाकिस्तान की सरकार ने अमरीका को संबोधित करते हुए लिखा था, जिसमे पाकिस्तानी सेना को काबू में लाने के लिए उनसे मदद मांगी गई थी.

प्रधानमंत्री गिलानी ने ये साक्षात्कार सोमवार को दिया था लेकिन गुरूवार तक भी ‘पीपुल्स डेली ऑनलाइन’ की वेबसाइट पर छपा नहीं है.

पाकिस्तान में तनाव

इस्लामाबाद में स्थित बीबीसी संवाददाता हफ़ीज़ चाचड़ के मुताबिक प्रधानमंत्री के बयान की जानकारी पाकिस्तान की समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस ऑफ़ पाकिस्तान (एपीपी) के ज़रिए सरकारी टेलीविज़न पी-टीवी पर दिखाई गई. जिसके बाद इसे अन्य चैनलों और अगले दिन सभी प्रमुख अख़बारों में छापा गया.

इस साक्षात्कार के बाद पाकिस्तान की सेना की ओर से एक बयान जारी किया गया जिसमें प्रधानमंत्री को चेतावनी दी गई कि उनके आरोपों की वजह से 'देश को बहुत संगीन और गंभीर परिणाम झेलने पड़ सकते हैं.'

इसके बाद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और विपक्षी पार्टी मुस्लिम लीग नवाज़ के प्रमुख नवाज़ शरीफ़ ने सेना और सरकार के बीच टकराव की स्थिति से बचने के लिए तुंरत आम चुनाव कराने की मांग भी कर डाली.

वर्ष 1998 में शुरू की गई ‘पीपुल्स डेली ऑनलाइन’ वेबसाइट को चीन की कम्युनिस्ट पार्टी का आधिकारिक अख़बार ‘पीपुल्स डेली’ चलाता है.

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