यूरोज़ोन संकट से निबटने में मदद कर सकता है चीन

इमेज कॉपीरइट Reuters
Image caption एंगेल मर्केल इन दिनों चीन की यात्रा पर हैं

चीन के प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ का कहना है कि उनका देश यूरोपीय राहत कोष में योगदान के बारे में विचार कर रहा है. हालांकि वेन ने इस बारे कोई ठोस प्रतिबद्धता नहीं जताई.

वेन जियाबाओ चीन की यात्रा पर गईं जर्मनी की चांसलर एंगेला मर्केल के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे.

यूरोपीय नेताओं को उम्मीद है कि अरबों डॉलर का विदेशी मुद्रा भंडार रखने वाला चीन यूरोज़ोन संकट से निपटने में उनकी मदद कर सकता है.

हालांकि जानकारों का कहना है कि एंगेला मर्केल इसके लिए दोबारा प्रयास करेंगी.

अपनी दो दिन की यात्रा के दौरान मर्केल ईरान और सीरिया भी जा सकती हैं.

संवाददाता सम्मेलन में वेन जियाबाओ ने कहा, ‘यूरोप के ऋण संकट को तुरंत हल करना बेहद ज़रूरी था. चीन यूरोपियन वित्तीय स्थिरता कोष (ईएफएसएफ) और यूरोपियन स्थिरता प्रक्रिया में हिस्सा लेकर इस संकट से निपटने में मदद करने पर विचार कर रहा है.’

ईएफएसएफ एक अस्थाई राहत कोष है जो जुलाई में घोषित राहत कोष की जगह लेने वाला है.

यूरोप, चीन का सबसे बड़ा निर्यात बाज़ार है और चीनी प्रधानमंत्री ने यूरो स्थिरता पर ज़ोर देते हुए कहा कि इसका चीन पर बड़ा प्रभाव रहा है.

एंगेला मर्केल बीस सदस्यीय उच्चस्तरीय व्यापारिक शिष्ट मंडल के साथ चीन की यात्रा पर हैं. उनका राष्ट्रपति हू जिंताओ से भी मिलने का कार्यक्रम है. एंगेला मर्केल की ये पांचवीं चीन यात्रा है.

संबंधित समाचार