चीन का मानवाधिकार रिकॉर्ड बेहतर

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Image caption चीन ने कहा है कि उसका मानवाधिकारों पर रिकॉर्ड सुधरा है.

अमरीका के दौरे पर गए चीन के उप राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अपने देश के मानवाधिकारों पर रिकॉर्ड का बचाव किया है. अमरीकी विदेश विभाग के एक कार्यक्रम में उन्होंने माना कि चीन में मानवाधिकारों के रिकॉर्ड पर सुधार किया जा सकता है.

अधिकारियों के अनुसार राष्ट्रपति ओबामा और शी ने व्यापार, मुद्रा और सीरिया पर चीन के रवैया के बारे में बातचीत की. ओबामा ने कहा कि दोनों देशों के बीच मज़बूत संबंध होना बहुत अहम है.

उधर चीन के उप राष्ट्रपति ने उम्मीद जताई कि उनकी यात्रा से दोनों देशों के बीच दोस्ती और गहरी होगी.

ऐसा माना जाता है कि 58 वर्षीय शी जिनपिंग वर्तमान राष्ट्रपति हू जिंताओ से पदभार संभालेंगे. हु जिंताओ इस वर्ष कम्यूनिस्ट पार्टी के प्रमुख के पद से हट जाएंगे और अगले साल वे राष्ट्रपति पद छोड़ देंगे.

मानवाधिकार

अमरीका और चीन के बीच व्यापार, मुद्रा और मानवाधिकारों के मुद्दे पर मतभेद रहे हैं. पिछले महीने चीन ने संयुक्त राष्ट्र में सीरिया पर एक प्रस्ताव को वीटो कर दिया था जिससे अमरीका ख़ुश नहीं था.

शी जिनपिंग ने कहा कि उन्होंने मानवाधिकार के मसले पर अमरीकी उप-राष्ट्रपति जो बाइडन और विदेश मंत्री हिलेर क्लिंटन के साथ खुला विचार-विमर्श किया है.

उन्होंने कहा, “मैंने जोर दिया कि तीस वर्ष पहले सुधार कार्यक्रम शुरू होने के बाद से मानवाधिकार के मसले पर बहुत तरक्की हुई है. सुधार के लिए हमेशा ज़रुरत रहती है. ”

लगभग ऐसा ही बयान एक साल पहले अमरीका के दौरे पर आए चीन के राष्ट्रपति हू जिंताओ ने भी दिया था.

लेकिन वर्तमान यात्रा ऐसे समय पर हो रही है जब तिब्बत में चीनी दमन की ख़बरें आ रही हैं. व्हाइट हाउस के बाहर मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने शी जिनपिंग की यात्रा के विरोध में प्रदर्शन भी किया है.

कुछ प्रदर्शनकारियों ने झंडे उठा रखे थे, जिनपर लिखा था – ‘शी जिनपिंग, तिब्बत आज़ाद होगी.’

व्यापार पर दबाव

अमरीका ने चीन पर व्यापार के विषय में और विशेषकर चीन मुद्रा के मूल्य पर भी दबाव बनाया है.

बराक ओबामा ने कहा, “मैं चीन के शांतिपूर्ण विकास का स्वागत करता हूं. हम चीन के साथ मिलकर ये सुनिश्चित करना चाहते हैं कि सभी विश्व अर्थव्यवस्था की भलाई के लिए एक जैसे नियमों को अमल में लाएं. इसमें सिर्फ़ चीन और अमरीका के बीच ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में व्यापार संतुलन बनाए रखना शामिल है.”

उधर चीनी नेता ने अमरीका के साथ आर्थिक सहयोग की तारीफ़ की और कहा कि हर मुद्दे को संरक्षणवाद के बजाय बातचीत के ज़रिए सुलझाया जाना चाहिए.

अमरीकी अधिकारियों ने ये भी बताया है कि ओबामा ने शी जिनपिंग से सीरिया के मुद्दे पर चीन के वीटो पर निराशा जाहिर की है.

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